हमीरपुर : अरविन्द सिंह (TSN)- कांग्रेस से बागी हुए
हमीरपुर सदर के विधायक आशीष शर्मा ने प्रेस वार्ता कर अपनी व्यथा सुनाई. उन्होंने कहा कि 11 महीने तक मुख्यमंत्री के पास लोगों से जुड़े काम लेकर जाता रहा लेकिन,उन्होंने 5 मिनट मिलने तक का समय नहीं दिया. राजेंद्र राणा के कार्यक्रम में जाने की इतनी बड़ी सजा दी की मुझसे बात तक मुख्यमंत्री ने बंद कर दी. उनसे इसके लिए माफी भी मांगी और नादौन जाकर उनके पैर छूकर भी बात करने की कोशिश की पर कहा मुझे माफ कर दें लेकिन मुख्यमंत्री ने मुझे सिर्फ जलील किया.
FIR में दर्ज एक भी तथ्य निकला सच तो छोड़ दूंगा राजनीति
आशीष शर्मा ने कहा कि षड्यंत्र वाली राजनीति नहीं जानते हैं और उनके मन में कभी भी किसी के खिलाफ कुछ नहीं रहा. राजेंद्र राणा ने उन्हें सुजानपुर में युवा डे पर आयोजित कार्यक्रम में बुलाया था और वह वहां चले गए.इसमें क्या बड़ी गलती हो गई. राणा भी कांग्रेस पार्टी के ही विधायक थे.अंदर की क्या बात थी उन्हें नहीं मालूम लेकिन मुख्यमंत्री ने वहां जाने की इतनी बड़ी सजा दी की ना तो उनके काम किया और ना ही उन्हें मिलने का कभी समय दिया।आशीष ने कहा कि उनका क्रेशर का कारोबार है और इस बात को सभी लोग जानते हैं वह नियमों के मुताबिक इस काम को करते हैं लेकिन मुख्यमंत्री बताएं कि सरकार बनने के बाद नादौन के एक व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए माइनिंग एक्ट में क्यों संशोधन किया गया। मुख्यमंत्री की संकीर्ण सोच से ही सारी बात बिगड़ी है। मुख्यमंत्री को हमीरपुर के विकास से कुछ लेना-देना नहीं है. वह चुनाव के समय आते हैं और झूठे वादे करके चले जाते हैं। हमारे खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई है.कोई भी तथ्य अब तक सामने नहीं आया है, एक भी तथ्य सामने आएगा तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
