कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा ( TSN)- देश में आज लोकतंत्र का महान दिवस मनाया गया । जगह-जगह लोग मतदान करने के लिए मतदान केंद्रों की ओर पहुंचे । लेकिन इसी बीच एक महिला को बीमारी की स्थिति में पालकी पर ढोया गया । यह तस्वीर हिमाचल में जिला कुल्लू के सबसे दुर्गम पोलिंग बूथ शाकटी की है । जहां आज भी सड़क की सुविधा ग्रामीणों को नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों को 22 किलोमीटर पैदल सफर कर निहारनी पहुंचना पड़ता है और वहां से सड़क के सुविधा ग्रामीणों को मिलती है। ऐसे में आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी शाकटी गांव के लोग बदहाली में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
महिला को इलाज़ के लिए पालकी में पैदल ढोकर गए ग्रामीण
आज शाकटी गांव की रहने वाली शीतल को अचानक दर्द हुई। वहीं ग्रामीणों के द्वारा उसे पालकी पर बैठाया गया और पालकी की मदद से 22 किलोमीटर पैदल चलकर उसे निहारनी नामक जगह पर लाया गया। जहां से वाहन के माध्यम से उसे कुल्लू के सैंज अस्पताल लाया गया और अब डॉक्टर के द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। जाहिर है इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं। जब मरीज को पालकी पर ढोकर पैदल लाना पड़ा है। शाकटी गांव जिला कुल्लू का सबसे दुर्गम गांव है और यहां पर आज भी लोगों को बिजली और सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आज जहां देशभर में लोकतंत्र का त्यौहार मनाया जा रहा है। तो वही शाकटी गांव में महिला को पालकी में पैदल ढोया जा रहा है। ताकि उसे उचित इलाज मिल सके।
