मोहाली। जिला अदालत ने शुक्रवार को ब्रिकम सिंह मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल, जो कि एक आपराधिक मामले में आरोपी है, को निर्देश दिया कि वह 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे पंजाब के मोहाली स्थित पुलिस स्टेशन विजिलेंस ब्यूरो, एफएस-1′ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और जांच में सहयोग करें। अदालत ने इस आदेश के साथ आरोपी को अंतरिम जमानत देने का फैसला किया है, बशर्ते वह जांच में सहयोग करें।
सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील डीएस सोबती ने अदालत में यह बयान दिया कि आरोपी गजपत सिंह ग्रेवाल जांच में पूर्ण रूप से सहयोग करने के लिए तैयार हैं और वह इस प्रक्रिया में कोई छूट नहीं मांग रहे हैं। वकील ने यह भी कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है यदि जांच एजेंसी को 15 दिनों का समय दिया जाए ताकि वे आवेदन में उल्लिखित तथ्यों की सत्यता की जांच कर सकें। वहीं, राज्य पक्ष के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि उन्होंने आरोपी के वकीलों का बयान सुना और यदि आरोपी को जांच में शामिल होने का आदेश दिया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
अदालत ने आरोपी को जांच में शामिल होने का आदेश दिया और साथ ही यह स्पष्ट किया कि यदि आरोपी इस आदेश का पालन करता है तो उसे अगले सुनवाई तक अंतरिम जमानत दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल 2026 को होगी, जिसमें राज्य द्वारा जवाब दाखिल किए जाने और जांच अधिकारी द्वारा रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी को 482(2) बीएनएसएस के प्रावधानों का पालन करना होगा और आदेश की एक प्रति जांच एजेंसी को भेजी जाएगी, साथ ही आरोपी को भी प्रदान की जाएगी यदि वह इसकी मांग करता है।
बता दें कि अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल पर विजिलेंस ब्यूरो द्वारा एक गंभीर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है। गजपत सिंह ग्रेवाल पर अवैध संपत्ति अर्जन, भ्रष्टाचार, और नशीली दवाओं की तस्करी से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। गजपत सिंह ग्रेवाल का नाम कुछ वित्तीय गड़बडिय़ों और सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के मामले में सामने आया है। बताया जाता है कि वह भ्रष्टाचार में शामिल थे और सरकारी पदों का गलत इस्तेमाल कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की थी। इसके अलावा, गजपत सिंह ग्रेवाल पर नशीली दवाओं की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप भी लगे हैंै। इन मामलों में विजिलेंस ब्यूरो की जांच चल रही है।
