हमीरपुर, अरविन्द सिंह -विदेशों से लौटकर हमीरपुर आने वाले लोगों पर स्वास्थ्य महकमा निगरानी रखेगा। मंकी पॉक्स के खतरे को भांपते हुए पहले ही पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य स्तर से जिला के अधिकारियों की ली गई वर्चुअल बैठक में निर्देश जारी किए गए हैं कि मंकी पॉक्स जैसी बीमारी से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
मेडिकल कालेज प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए ताकि कोई मामला सामने आने के बाद तुरंत प्रभाव से मरीज को उपचार उपलब्ध करवाया जा सके। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भी अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश जारी होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर ने फील्ड में तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। वहीं विदेशों से लौटकर आने वाले लोगों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है। खासकर उन देशों से जहां पर मंकी पाक्स के मामले सामने आ चुके हैं। आशा वर्कर के माध्यम से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। वहीं हमीरपुर स्वास्थ्य विभाग ने मंकी पॉक्स से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम भी कर लिए हैं। विभाग के पास पर्याप्त पीपीई किट, आईसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर, टेस्टिंग किट उपलब्ध है।
विदेशों से आने वाले लोगों पर नजर रखेगा विभाग
जानकारी के मुताबिक भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में मंकी पॉक्स मामला सामने आया है। ऐसे में हिमाचल में भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया। बताया जाता है कि कुछ अन्य देशोंं में पहले मंकी पॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं। इसी के चलते अब विदेशों से आने वाले लोगों की ट्रेवलिंग हिस्ट्री पर निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी तरह के लक्षण पैदा होने पर तुरंत उपचार शुरू किया जा सके। स्किन स्पेशलिस्ट को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मंकी पॉक्स के मामले स्किन से जुड़े हुए होते हैं ऐसे में स्किन स्पेशलिस्ट को ही नोडल अधिकारी बनाया गया है।बताया जाता है कि मंकी पॉक्स के लक्षणों में आमतौर पर शरीर पर दाने निकलना, चेहरे पर घाव, मुंह और हाथों, पैरों, छाती, जननांगों पर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। मवाद से भरे घाव भी हो सकते हैं। इसके साथ ही फ्लू जैसे लक्षण, बुखार, खांसी, उल्टी आदि देखे जा सकते हैं।
सीएमओ हमीरपुर डा. प्रवीण कुमार का कहना ये
सीएमओ हमीरपुर डा. प्रवीण कुमार ने कहा कि विदेशों से लौटकर आने वाले लोगों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है। आशा वर्कर के माध्यम से विदेशों से आने वालों की ट्रेवल हिस्ट्री जांची जाएगी। स्वास्थ्य संस्थानों में पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा गया है ताकि किसी विकट परिस्थिति में तुरंत निपटा जा सके।
