शिमला-:हिमाचल प्रदेश ने पंचायती राज व्यवस्था में डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में एक नई पहल करते हुए हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया है।ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासनिक संस्थान (एमएसहिपा) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला के दौरान पोर्टल का शुभारंभ किया।सरकार के अनुसार,इस प्रणाली को शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है।
बैठकों का रिकॉर्ड ऑनलाइन
पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों,पंचायत समितियों और जिला परिषदों की बैठकों का एजेंडा,बैठक विवरण और प्रोसिडिंग ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी।प्रधान,उपप्रधान,वार्ड सदस्यों और ग्राम सभा सदस्यों की उपस्थिति भी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। बैठक के लिए आवश्यक कोरम की स्थिति सिस्टम में दर्ज की जा सकेगी तथा कार्यवाही पूरी होने के बाद ई-हस्ताक्षर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से बैठकों के रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभागीय योजनाओं और नियमों की पूरी जानकारी रखने तथा बजट का नियमानुसार प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।उनके अनुसार,नियमों और प्रक्रियाओं की सही अनुपालना से पंचायतों के निर्णयों से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।
राज्य स्तर तक जुड़ेगा सिस्टम
पोर्टल से पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी जुड़ सकेंगे। हिम एक्सेस के माध्यम से लॉगिन की सुविधा मिलने से अलग-अलग पोर्टल पर जाने की आवश्यकता कम होगी।भविष्य में इसे पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जोड़ा जाएगा,जिससे आम नागरिक भी पंचायत बैठकों की कार्यवाही ऑनलाइन देख सकेंगे।
ग्रामीण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा
कार्यशाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।विभागीय अधिकारियों को योजनाओं,नियमों और बजट के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन की बेस्ट प्रैक्टिसेज पर आधारित मैगजीन का विमोचन भी किया गया।विभाग के निदेशक राघव शर्मा और हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के CEO सुरेंद्र मोहन सहित विभिन्न जिलों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
