Delhi, 2 January-:पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी-राम-जी’ को ग्रामीण भारत के लिए एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने का मजबूत आधार तैयार करती है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 मनरेगा की संरचना में ऐतिहासिक सुधार है। यह नया कानून ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जो पहले के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी, गांवों में खपत बढ़ेगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ‘जी-राम-जी’ सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक ब्लूप्रिंट है, जो रोजगार के साथ-साथ आजीविका के अवसरों का विस्तार करता है और ग्रामीण समाज को सशक्त बनाता है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि रोजगार गारंटी योजनाएं दशकों से चली आ रही हैं, लेकिन कांग्रेस ने इन्हें हमेशा सिर्फ नाम बदलने की राजनीति तक सीमित रखा।उन्होंने कहा, “1989 में जवाहर रोजगार योजना, 1999 में जवाहर रोजगार समृद्धि योजना, 2001 में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना और 2005 में नरेगा—इन सभी योजनाओं के समय कांग्रेस को गांधी जी याद नहीं आए। 2009 के चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक फायदे के लिए नरेगा का नाम बदलकर मनरेगा किया गया। कांग्रेस का ‘बापू प्रेम’ केवल दिखावा है और गांधी जी के नाम का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए किया गया।” अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘जी-राम-जी’ का उद्देश्य वर्षों से चली आ रही बिखरी हुई व्यवस्था और नीतिगत जटिलताओं को समाप्त करना है। यह नया कानून पारदर्शिता, जवाबदेही, लाइसेंसिंग, सुरक्षा स्वीकृति और मुआवजे से जुड़े प्रावधानों को एक मजबूत ढांचे में समाहित करता है।उन्होंने कहा कि कोविड संकट के दौरान मोदी सरकार ने मजदूरों और ग्रामीण भारत के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए।
“MGNREGA के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, जो कांग्रेस सरकार कभी सोच भी नहीं सकती थी। हमने जियोटैगिंग, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, बैंक खातों के जरिए भुगतान और समयबद्ध मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया। जहां पहले महीनों तक मजदूरी नहीं मिलती थी, आज साप्ताहिक भुगतान सुनिश्चित किया गया है।”उन्होंने कहा कि बजट में वृद्धि, राज्यों की भूमिका को मजबूत करना और योजना का विस्तार मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का संकल्प पूरा होगा।
