मोहाली, 7 फरवरी-:सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में आयोजित साहित्यम् 2026 के अवसर पर नेतृत्व और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने यहां ‘किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग्स’ नामक विशेष नेतृत्व कार्यक्रम का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को निडर, ईमानदार और जिम्मेदार नेतृत्व के लिए तैयार करना है।
डॉ किरण बेदी का संदेश: निडर नेतृत्व से ही बदलेगा समाज
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. किरण बेदी ने कहा कि आज के दौर में समाज और देश को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो डर से मुक्त होकर सही निर्णय लेने का साहस रखता हो। उन्होंने कहा कि निडर शासन केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सोच है, जिसकी शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्म-अनुशासन, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
‘किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग्स’ कार्यक्रम निडर शासन की अवधारणा पर आधारित है, जिसके तहत छात्रों को वास्तविक जीवन से जुड़े नेतृत्व कौशल सिखाए जाएंगे। यह पहल युवाओं में साहस, नैतिकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर केंद्रित है, ताकि वे भविष्य में प्रभावी नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने ‘किरण बेदी निडर नेतृत्व और उद्यमिता चुनौती’ की भी घोषणा की। यह चुनौती दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में छात्र शासन व्यवस्था, शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालय परिसर या नवाचार आधारित उद्यमों से जुड़ी समस्याओं के लिए व्यावहारिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करेंगे। दूसरे चरण में नेतृत्व आधारित गतिविधियां होंगी, जहां प्रतिभागियों को सीमित समय में कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। ये अभ्यास वास्तविक जीवन की चुनौतियों पर आधारित होंगे।जो छात्र दल अपने नवाचार, साहस और विचारों को धरातल पर उतारने की क्षमता से प्रभावी परिणाम प्रस्तुत करेंगे, उन्हें ‘किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग्स’ की ओर से सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान केवल विचारों तक सीमित न होकर उनके ठोस प्रभाव और नेतृत्व की गुणवत्ता के आधार पर दिया जाएगा।
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने यह भी स्पष्ट किया कि साहित्यम् 2026 के बाद इस पहल को आगे बढ़ाया जाएगा। भविष्य में इसे डॉ. किरण बेदी के मार्गदर्शन में एक नियमित नेतृत्व प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे छात्रों को दीर्घकालिक सीखने और नेतृत्व विकास का अवसर मिल सके।इस पहल के माध्यम से सीजीसी यूनिवर्सिटी ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और सक्षम नेतृत्व तैयार करने का माध्यम भी है। निडर शासन के मूल्यों को शैक्षणिक वातावरण से जोड़ते हुए विश्वविद्यालय ने देश के भविष्य के नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया है।
