कांगड़ा/राहुल चावला-:कांगड़ा जिले की बोह घाटी में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश के बीच बादल फटने और भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। सपैड़ा, घड़घूं, भंगार और आसपास के क्षेत्रों में अचानक आई फ्लैश फ्लड और पहाड़ी से आए भारी मलबे ने कई मकानों, गौशालाओं, खेतों और संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया। समय रहते लोगों के घरों से बाहर निकल जाने के कारण कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई मवेशियों की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
स्थानीय निवासी गगन ठाकुर ने बताया कि उनका दो कमरों का मकान, रसोई और शौचालय पूरी तरह बह गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के 15 से 16 मकान प्रभावित हुए हैं, जिनमें तीन से चार मकान पूरी तरह तबाह हो गए,जबकि अन्य मकानों को गंभीर क्षति पहुंची है।खेत, तालाब और ग्रामीण सड़कें भी मलबे में दब गई हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गई हैं,जिससे राहत कार्य में शुरुआती दिक्कतें आईं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग, पुलिस और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं।प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय,राशन, पेयजल, बिस्तर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने यह भी बताया कि धर्मशाला की गज खड्ड पेयजल योजना के स्रोत को नुकसान पहुंचा है,जिसके चलते वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू कर दी गई है।
ASP कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार 15 से 20 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा एक प्राथमिक विद्यालय भी मलबे की चपेट में आया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
