राहुल चावला,कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से एसओपी के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है,लेकिन कांगड़ा-चंबा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को अप्रत्यक्ष रूप से जुए को बढ़ावा देने वाला बताते हुए मुख्यमंत्री से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में लॉटरी शुरू करना सामाजिक दृष्टि से उचित निर्णय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लॉटरी को बंद किया गया था और उस दौरान इससे जुड़ी कई सामाजिक समस्याएं सामने आती थीं। ऐसे में सरकार को दोबारा इस व्यवस्था को लागू करने के बजाय राजस्व जुटाने के लिए अन्य विकल्प तलाशने चाहिए।
डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है और सरकार को अतिरिक्त राजस्व की जरूरत है, लेकिन इसके लिए ऐसा माध्यम अपनाना उचित नहीं है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सांसद ने कहा कि लॉटरी की प्रक्रिया शुरू करने से अप्रत्यक्ष रूप से गैंबलिंग को बढ़ावा मिल सकता है और इसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ने की आशंका है।सरकार द्वारा एसओपी तैयार कर युवाओं को लॉटरी से दूर रखने की बात पर भी सांसद ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि केवल एसओपी बनाने से इस फैसले को सही नहीं ठहराया जा सकता। सरकार को सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।डॉ. भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश हित और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए लॉटरी शुरू करने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और इस फैसले को वापस लिया जाए।
