शिमला, संजु चौधरी ( TSN)-आई.जी.एम.सी. में आर के एस कर्मचारी 6 घण्टे की पेन डाउन हड़ताल पर चले गए है। आर के एस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजो की मुश्किलें बढ़ गयी है । हस्पताल में मरीजो की पर्चियां बननी बन्द हो गयी है। पर्ची काउंटर के बाहर सुबह से लंबी लाइन लग गयी है। मरीजो की न पर्चियां बन रही है और ना ही टेस्ट के लिए डेट मिल रही है ।
पर्ची बनाने के लिए लगी कतारें ,मरीज बोले बहुत हो रही परेशानी
शिमला के चलोंठी से इलाज के लिए IGMC पहुंची वर्षा ने कहा कि वो एक घण्टे से पर्ची बनाने के लिए लाइन के खड़ी है । लेकिन अभी तक तक नंबर नही आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हड़ताल के विषय मे जानकारी नही थी। लोगो को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रही है। वहीं शिमला के संजौली के रहने वाले आशीष ने कहा कि वो डेढ़ घण्टे से लाइन में खड़े है लेकिन अभी तक नंबर नही आया है और आने में अभी वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि वो यहीं नजदीक के रहने वाले है वो इंतजार लार लेंगे ।लेकिनजो मरीज प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे है उन्हें भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। कई लोगो को बिना इलाज के लिए वापिस जाना पड़ेगा।
आपातकालीन सेवाओं के लिए चलता रहेगा एक काउंटर
आर के एस कर्मचारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं के लिए एक काउंटर चलता रहेगा लेकिन ओपीडी और नियमित टेस्ट के लिए बनने वाली पर्चियां पूरी तरह बन्द रहेगी। बता दें कि आईजीएमसी में रोजना औसतन 3500 से ज्यादा लोग अपना इलाज ओपीडी में करवाते है।
वेतन बढ़ोतरी और नियमतिकरण की मांग कर रहे आर के एस कर्मचारी
IGMC में सेवाएं दे रहे आर के एस कर्मचारी अपने वेतन में बढ़ोतरी व नियमतिकरण की मांग कर रहे है। इसी मांग को लेकर पहले भी कर्मचारी हड़ताल कर चुके है पंरन्तु मुख्यमंत्री से आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापिस ले ली थी पंरन्तु मांगे ना माने जाने पर कर्मचारियों ने एक बार फिर 15 दिनों का अल्टीमेटम हस्पताल प्रशासन को दिया था। लेकिन प्रशासन को ने कोई कार्रवाही नही जिसके बाद कर्मचारियों ने आज से 2 सितंबर तक 6 घण्टे यानी दो बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक पर जाने का फैसला किया है और एलान किया है कि दो सितंबर तक अगर अस्पताल प्रशासन कोई निर्णय नही लेता तो वो पूरे दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। और जब तक उनकी मांगे नही मानी जाएगी वो हड़ताल वापिस नही लेंगे ।
मुख्यमंत्री से की मुलाकात , मिला आश्वासन वापिस
आर के एस कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की और उन्होंने आर. के. एस. कर्मियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है। लेकिन वे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है उन्होंने कहा कि उन्हें पहले भी बहुत बार आश्वासन मिल चुके है इसलिए इस बार जबतक उनकी मांगों को पूरा करने संबंधी लिखित रूप में आश्वासन नही मिलता है तो वे अपनी स्ट्राइक से हटेंगे, अन्यथा 2 सितम्बर से वह पूरा दिन हड़ताल हड़त पर चले जाएंगे।
दो दिन अवकाश के बाद आज अस्पतालो में उमड़ी ज्यादा भीड़
रविवार और जन्माष्टमी के 2 दिनों के अवकाश के बाद मंगलवार को आई.जी.एम.सी. में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचे ।पंरन्तु उन्हें पर्ची काउंटर के बाहर जानकारी मिली कि पर्ची बनाने वाले आर के एस कर्मचारी हड़ताल पर है उनकी पर्ची नही बनेगी ।
पहले भी कर चुके हैं आर.के.एस. कर्मी हड़ताल
आर. के. एस. कर्मियों को दिए गए रैगुलर पे स्केल की मांग को लेकर पहले भी ये कर्मी पैनडाऊन स्ट्राइक कर चुके है, जिसका मरीजो पर भारी असर पड़ा था। मुख्यमंत्री के आश्वासनों के बाद हड़ताल तो वापस ले ली गई लेकिन आज तक इनकी मांगे पूरी नहीं हुई है। आई. जी. एम.सी. व के.एन.एच. के 55 कर्मचारी वर्ष 2021 में 8 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके है लेकिन इन्हें अभी तक अन्य आर. के. एस. कर्मियों की तरह रैगुलर पे स्केल नहीं मिला है।
IGMC में पहले भी आर के एस कर्मचारियों को मिल चुका है लाभ
आर.के.एस. कर्मचारी यूनियन के प्रधान अरविंद पाल ने कहा कि आई.जी.एम.सी. मे 2016 में 36 कर्मचारियों को और उसके बाद 2019 में एक कर्मचारी को रेगुलर पे स्केल सरकार की नोटीफिकेशन के आधार पर दिया जा चुका है। वहीं उन्होंने कहा कि आई. जी. एम. सी. की तर्ज पर नाहन व टांडा मैडीकल कालेज के कर्मचारियों को भी रैगुलेर पे स्केल मिल चुका है और उन्हें भी इसी तर्ज पर रैगुलर पे स्केल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2021 में वे 8 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके है लेकिन अभी तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले है जबकि इस बारे में कई बार मुद्दा उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें रेगुलर पेस्केल नहीं मिला तो मंगलवार से वे 6 घंटे की पैनडाऊन स्ट्राइक आरंभ करेंगे और यदि बावजूद इसके उनकी सुध नहीं ली तो 2 सितम्बर से पूरा दिन हड़ताल शुरू की जाएगी।
सीएम सुक्खू को अपनी मांगों से करवा चुके अवगत
उन्होंने कहा कि इस संबंध में आर. के. एस. कर्मचारियों ने सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों की हड़ताल से भी अवगत कराया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी से इन कर्मियों की फाइल अपने ऑफिस भेजने को कहा। लेकिन यूनियन ने यह फैसला लिया है कि जब तक उन्हें कुछ लिखित में जवाब नहीं आता है, तब तक वे अपनी स्ट्राइक को बंद नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें पहले भी कई बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। यूनियन का कहना है कि इस महंगाई के दौर में इतनी कम तनख्वाह पर काम करना इनके बस की बात नहीं है और इस पे स्केल के मुद्दे को वे पहले भी कई बार सरकार के समक्ष ला चुके हैं पर 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
