दिल्ली, 26 फरवरी-:दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन को लेकर देशभर में चल रही कार्रवाई पर अक्षय सिंह नैंटा ने कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जहां सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने को भी अपराध की तरह देखा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।
नैंटा ने कहा कि जब देश में चोरी, हत्या और अन्य गंभीर अपराध लगातार सामने आते हैं, तब कार्रवाई की गति अक्सर धीमी नजर आती है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर तुरंत सख्ती दिखाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि आखिर कानून व्यवस्था की प्राथमिकताएं क्या हैं और आम नागरिक को इससे क्या संदेश दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज होती है और संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का उपयोग राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होना चाहिए।नैंटा ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना देश विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया है।
