Hamirpur,Arvind Singh(TSN)–पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) में वरिष्ठता नियमों की अनदेखी करते हुए एक जूनियर अधिकारी को चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त कार्यभार देने को अनुचित ठहराया।राणा ने बताया कि यह मामला अदालत तक पहुंचा,जहां हाई कोर्ट ने इस नियुक्ति को नियमों के विरुद्ध माना और रद्द करने का निर्देश दिया।
भुगतान संकट और सोलर प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
राणा ने सरकार पर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में 200 करोड़ रुपये की राशि जारी कर सरकार ने राहत का दिखावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि हजारों करोड़ रुपये अभी भी ठेकेदारों और अन्य हितधारकों को बकाया हैं।उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को “संकटग्रस्त” बताते हुए कहा कि सरकारी नीतियों का बोझ आम जनता, कर्मचारी, उद्यमी और ठेकेदारों को उठाना पड़ रहा है।पेखूबाल सोलर पावर प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए राणा ने सरकार से इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
