शिमला , 9 अप्रैल -:शिमला जिला पक्षी प्रेमियों और प्रकृति के चाहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। बर्ड काउंट इंडिया के अनुसार, शिमला में अब तक 290 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाती हैं। वहीं पूरे हिमाचल प्रदेश में करीब 650 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिससे यह राज्य पक्षियों के लिए एक प्रमुख आवास स्थल बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शिमला में पक्षियों का आवागमन मौसम के अनुसार होता है। हर साल कई प्रवासी पक्षी यहां आते हैं और मौसम बदलने पर अन्य स्थानों की ओर लौट जाते हैं। गर्मियों के दौरान लगभग 15 से 20 प्रजातियां यहां अपना बसेरा बनाती हैं, जबकि सर्दियों में 25 से 30 प्रजातियां निचले क्षेत्रों की ओर पलायन कर जाती हैं। इसके अलावा कई पक्षी ऐसे भी हैं जो सालभर शिमला में ही रहते हैं।यहां तिब्बत, चीन और ट्रांस हिमालयी क्षेत्रों से आने वाले कई दुर्लभ पक्षी भी देखे जाते हैं। हिमालयन बुलबुल, कौआ और कबूतर जैसी प्रजातियां स्थायी रूप से यहां निवास करती हैं।शिमला के वाटर कैचमेंट क्षेत्र, मशोबरा, नारकंडा, पोटरहिल और मैहली-शोघी बाइपास जैसे इलाकों में पक्षियों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है, जिससे यह क्षेत्र बर्ड वॉचिंग के लिए भी लोकप्रिय हो रहा है।वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पक्षियों और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
