सिरसा/विजय कुमार-:हरियाणा के सिरसा में मानसून की पहली तेज बारिश लोगों के लिए राहत के साथ नई मुसीबत भी लेकर आई।करीब चार घंटे तक हुई लगातार मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए।सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं,वाहन पानी में फंस गए और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहली ही बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।वहीं,किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि नगर परिषद ने जल्द पानी निकालने का दावा किया है।
सिरसा में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई,लेकिन नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत भी उजागर कर दी।लगातार चार घंटे तक हुई बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कें,बाजार और कई कॉलोनियां पानी में डूब गईं।हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी,बाटा कॉलोनी, अग्रवाल कॉलोनी, जनता भवन रोड, बाल भवन रोड, परशुराम चौक,शिव चौक, सुरखाब चौक और बस स्टैंड सहित कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई कारें, स्कूल बसें और दोपहिया वाहन जलभराव में फंस गए, जबकि कई वाहन बीच सड़क में बंद हो गए।बारिश के बाद सबसे अधिक परेशानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलनी पड़ी। कई घरों और दुकानों के बाहर पानी जमा हो गया, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर गंदा पानी भरने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। जगह-जगह नालियां ओवरफ्लो होती दिखाई दीं, जिससे जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं।बारिश के कारण शहर के व्यस्त बाजारों और मुख्य चौराहों पर लंबा जाम भी देखने को मिला। सड़क पर भरे पानी के कारण लोगों को रास्ता बदलना पड़ा। कई जगह गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया।
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने जिला प्रशासन और नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते नालों और सीवरों की सफाई करवाई जाती तो शहर को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।उधर, नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप ने कहा कि भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ है, लेकिन परिषद की टीमें लगातार पानी की निकासी में जुटी हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित क्षेत्रों में पंपों की मदद से तेजी से पानी निकाला जा रहा है और जल्द हालात सामान्य कर दिए जाएंगे।
मानसून की पहली बारिश ने साफ कर दिया है कि सिरसा में जलभराव की समस्या अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन राहत कार्य का दावा कर रहा है, लेकिन लोगों का सवाल यही है कि यदि पहली बारिश में शहर की यह स्थिति है, तो आने वाले दिनों की लगातार बारिश में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं।
