शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। बीते दो दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।जगह-जगह भूस्खलन,फ्लैश फ्लड और सड़क धंसने की घटनाओं के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को भी शिमला, किन्नौर, मंडी, कुल्लू और अन्य क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ।प्रदेश सरकार के अनुसार, राज्यभर में फिलहाल 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार मलबा हटाने और सड़कों को बहाल करने में जुटी हैं। वहीं, भारी बारिश के कारण 508 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिससे कई गांवों और कस्बों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेष रूप से किन्नौर जिले में भारी नुकसान दर्ज किया गया है, जबकि अन्य जिलों में भी कई पुलों और संपर्क मार्गों को क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।मंत्री ने कहा कि जहां भी सड़कें बंद हुई हैं, वहां मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से जल्द यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जुलाई महीने के दौरान बारिश, भूस्खलन, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने में जुटी हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं।
