हमीरपुर:अरविन्द-:हमीरपुर के नादौन क्षेत्र के कोहला गांव के निवासी स्वर्गीय सीता राम ने देहदान कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुसार पार्थिव देह को डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को समर्पित कर दिया, ताकि यह मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और प्रशिक्षण में उपयोगी साबित हो सके।79 वर्षीय सीता राम, जो भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, का शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे निधन हो गया। घर पर पारंपरिक रस्में पूरी करने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी पार्थिव देह को एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया।
ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रथ की तरह खींचकर दिया सम्मान
इस दौरान गांव में भावुक और सम्मानजनक माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रथ के रूप में मानते हुए स्वयं खींचकर उन्हें अंतिम विदाई दी। बैंड-बाजों के साथ उनकी पार्थिव देह को एंबुलेंस में रखा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में उनकी समाजसेवा की भावना को लेकर गहरा सम्मान दिखाई दिया।मृतक के पुत्र और नादौन के उद्यमी विनोद खावला ने बताया कि उनके पिता ने लगभग दो वर्ष पहले ही देहदान का निर्णय लिया था। शुरुआत में परिवार ने सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए उनसे इस पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया, लेकिन समाजहित की उनकी दृढ़ भावना को देखते हुए परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान किया।मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के चिकित्सक डॉ. हरविंदर ने परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह देह एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के अध्ययन में सहायक बनेगी। उन्होंने लोगों से भी आगे आकर देहदान जैसे महान कार्य के लिए प्रेरित होने की अपील की और कहा कि देहदान वास्तव में महादान है, जो भावी डॉक्टरों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
