चंडीगढ़,मोनिका रावत-:इंटरनेट मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विवादित, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोपित तेलंगाना निवासी हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी(42) के खिलाफ अब चंडीगढ़ जिला अदालत में मुकदमा चलेगा। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ जिला अदालत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। उसके खिलाफ 26 जून से इस केस की सुनवाई शुरू होगी। हसन को चंडीगढ़ पुलिस ने 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया था और तब से वह जेल में ही है। दो बार उसकी जमानत अर्जी जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। उसके अलावा मशहूर लेखिका दिल्ली निवासी 74 वर्षीय मधु किश्वर ने भी ऐसी ही टिप्पणी की थी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने हसन और मधु समेत छह लोगों के खिलाफ दो महीने पहले एफआइआर दर्ज की थी। हसन तो पकड़ा गया था, लेकिन मधु किश्वर को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पूर्व पार्षद की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला…
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी, जब पूर्व भाजपा पार्षद और एडवोकेट सतिंदर सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई इंटरनेट मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आपत्तिजनक वीडियो भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर रहे हैं। शिकायत में मधु किश्वर और हसन सिद्दीकी के समेत छह सोशल मीडिया हैंडल्स का नाम लिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार मूल वीडियो पहले अमेरिका निवासी एक इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर ने अपलोड किया था। आरोप है कि बाद में उसी वीडियो को प्रधानमंत्री मोदी से जोड़कर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता(बीएनएस) और आइटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की थी।
आरोपित दे रहा यह दलीलें
आरोपित बार बार यही दलील दे रहा है कि उसने प्रधानमंत्री पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। उसने तो बस उस भ्रामक वीडियो को इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “ग्रोक” से पूछा थी कि क्या यह वीडियो असली है। बस इसी पोस्ट के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
