Sirmour,27 April(TSN)-अपने सिरमौर दौरे के दौरान नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस करने में जुटी है।उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दो वर्षों में 2000 से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए,जिससे हजारों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने नई शिक्षा नीति का बहाना बनाकर पहली कक्षा में प्रवेश की आयु बढ़ा दी, जिससे नामांकन में गिरावट आई और इसी बहाने सरकार ने सैकड़ों स्कूलों को मिड-सेशन में बंद कर दिया। यह बच्चों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
सरकार शिक्षा के मंदिरों पर ताले लगा रही
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि एक ओर सरकार शिक्षा के मंदिरों पर ताले लगा रही है,वहीं दूसरी ओर शराब के ठेके खोलने में रिकॉर्ड बना रही है।यह प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का खतरनाक प्रयास है।जयराम ठाकुर ने सरकार के तानाशाही रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार की नीतियों का विरोध करता है,उसे धमकाकर चुप कराया जाता है।प्रदर्शन करने वालों को निलंबन,बर्खास्तगी और सेवानिवृत्ति की धमकी दी जाती है। लोकतंत्र में इस प्रकार की तानाशाही मानसिकता स्वीकार्य नहीं है।
खेल आयोजनों पर भी सरकार की मंशा पर सवाल
खेल आयोजनों पर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष के शिक्षा सत्र के कैलेंडर में स्टेट और जिला स्तरीय टूर्नामेंट तक को समाप्त कर दिया गया है।पिछली वर्ष की खेल प्रतियोगिताओं का इनाम वितरण भी आज तक लंबित है।उन्होंने कहा कि खेल छात्रों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं,जिन्हें समाप्त करना नासमझी और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है।प्राथमिक शिक्षकों के प्रमोशन और तबादले के अधिकार छीने जाने, हजारों पदों को खाली छोड़ने और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को बंद करने जैसे फैसलों को जय राम ठाकुर ने प्रदेश की शिक्षा के लिए घातक बताया।
पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब दुनिया भर के नेता विकास के लिए याद किए जाने का सपना देखते हैं,वहीं सुखविंदर सिंह सुक्खू संस्थानों को बंद करने,सुविधाओं को छीनने और विकास कार्यों को ठप करने के लिए याद किए जाएंगे।
