चंडीगढ़-:हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन ही सियासी संग्राम में बदल गया। विपक्षी कांग्रेस विधायक काले कपड़ों में विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी और हंगामा बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस के 8 विधायकों को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया।
मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विरोध का असर सदन की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया। कांग्रेस विधायक लगातार अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने की कोशिश करते रहे, जिसके चलते सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी।
स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा स्पीकर ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए कांग्रेस के 8 विधायकों को पूरे दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। इसके बाद सदन में सियासी तापमान और बढ़ गया।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा करने का मंच है, हंगामा करने का नहीं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।काले कपड़ों में पहुंचे विपक्ष पर तंज कसते हुए सीएम सैनी ने कहा कि जनता नेताओं के कपड़े नहीं, उनके काम और कारनामे देखती है।पहले ही दिन हंगामे और निलंबन ने मानसून सत्र की शुरुआत को पूरी तरह सियासी बना दिया। अब सवाल यही है कि आने वाले दिनों में सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी या सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होगा।
