शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावी नतीजों को कांग्रेस के पक्ष में बड़ा जनादेश बताया है। ब्लॉक विकास समिति (बीडीसी) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत के बाद नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों ने मंत्री से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बीडीसी के साथ-साथ नगर पंचायत और नगर परिषद में भी कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।
मीडिया से बातचीत करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर हुए चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुए हैं।उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को बहुमत मिला है,वहां कांग्रेस अपने प्रतिनिधियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी दे रही है,जबकि जिन क्षेत्रों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं,वहां भाजपा अपने पदाधिकारी चुन रही है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं।भाजपा की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि पार्टी कई गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के भीतर अलग-अलग नेतृत्व समूह सक्रिय हैं, जिसके कारण संगठनात्मक एकजुटता कमजोर हुई है। उनके अनुसार, यही कारण है कि विपक्ष चुनावी परिणामों को स्वीकार करने के बजाय निराधार आरोप लगाने में जुटा हुआ है।इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के मुद्दे पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की, आज उन्हीं पर राम मंदिर से जुड़े चंदे में अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये के चंदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है।
लोक निर्माण मंत्री ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी राज्य स्तरीय एसआईटी,सीबीआई या अन्य एजेंसी के बजाय सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जस्टिस की निगरानी में कराई जाए,ताकि जांच पर किसी तरह का राजनीतिक प्रभाव न पड़े और सच्चाई देश के सामने आ सके।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और वे स्वयं भी इसी आस्था के कारण राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी वित्तीय विवाद की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं,इसलिए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच ही सबसे विश्वसनीय विकल्प होगी।
