शिमला/संजू -:हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ भूमि के करीब 20 हजार मामले लंबे समय से लंबित हैं।इन मामलों को मंजूरी दिलाने के लिए जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है।उनका कहना है कि नौतोड़ का लाभ उन लोगों को मिलना है,जिनके पास 20 बीघा से कम भूमि है।जगत सिंह नेगी ने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल को इन मामलों में निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में नौतोड़ के मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया और उस दौरान केवल एक मामले को मंजूरी मिली।
मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की इस महत्वपूर्ण मांग को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह मौजूदा राज्यपाल कविंदर गुप्ता से दो बार और पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आठ बार मुलाकात कर चुके हैं।
नेगी के मुताबिक,मौजूदा राज्यपाल ने मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ की मंजूरी जनजातीय क्षेत्रों से पलायन रोकने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। इससे बंजर भूमि को उपयोग में लाने के साथ स्थानीय लोगों को अपने गांव और क्षेत्र में रोजगार व आजीविका के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने की नौबत न आए।इसलिए लंबित मामलों पर जल्द निर्णय लिया जाना जरूरी है।
