शिमला,संजू-:शिमला में 14वीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही रोजगार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार देने के वादे किए थे,लेकिन सरकार उन्हें पूरा करने में नाकाम रही है।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में अब तक पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिले हैं। रणधीर शर्मा ने सरकार पर बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष युवाओं की आवाज सदन में उठाएगा।उन्होंने बताया कि भाजपा ने विधानसभा में नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्ष की मांग है कि सदन का निर्धारित बिजनेस स्थगित कर रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करवाई जाए। भाजपा का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी एक गंभीर विषय है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
सुक्खू ने आंतरिक कलह को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
वहीं, भाजपा के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार और जिम्मेदारी है, लेकिन भाजपा विधायक आंतरिक कलह के कारण प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता पार्टी हाईकमान को खुश करने और अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर ही उन्हें पद से हटाने की मांग उठ रही है। मानसून सत्र के पहले दिन रोजगार के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप से है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है। मुद्दे पर बहस जारी है।
