हरियाणा के पलवल में 2021 में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए अंगूठे का क्लोन बनाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले पांच साइबर ठगों को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 6 से 6 साल की सजा सुनाई है। 12 साइबर ठगी के मामले न्यायाधीश अंकिता शर्मा की कोर्ट में पेश किए गए। एक महिला को आरोप से छुटकारा मिल गया। पलवल में एक गिरोह ने सिर्फ दस दिनों में 43 लोगों के बैंक खातों से 31 लाख रुपये निकालकर सनसनी फैला दी थी। यही नहीं, उन्होंने आने वाले दिनों में तीन करोड़ रुपए और निकालने की योजना बनाई थी।
शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। परीक्षण में पता चला कि खातों से निकाले गए पैसे आमिर हुसैन (जिला छपरा, बिहार) और चितरंजन (जिला औरंगाबाद, बिहार) के खातों में जमा हुए हैं।
आमिर हुसैन और चितरंजन पलवल में किराए का कमरा लेकर रहते थे। आमिर हुसैन और चितरंजन से पहले पूछताछ की गई। फिर पूछताछ के आधार पर गाजियाबाद (यूपी) निवासी रोहित त्यागी ने दिल्ली से बिहार निवासी किरण को गिरफ्तार किया। पलवल के गांव खटेला से तुलराम गिरफ्तार किया गया था।
रजिस्ट्री कार्यालय से चोरी की गई रजिस्ट्री:
ठगों ने पलवल के रजिस्ट्री कार्यालय में दैनिक भत्ता पर काम करने वाले तुलराम से संपर्क साधा। इसके बाद उससे सहयोग करके रजिस्ट्रियों की प्रतियां प्राप्त कीं। आरोपियों ने पहले आधार कार्ड नंबर और खरीदार और विक्रेताओं के अंगूठे के निशान प्राप्त किए। उसने फिर अंगूठे का क्लोन बनाकर विभिन्न खातों से ३१ लाख रुपए निकाल लिए, जो आधार इनेब्लड पेमेंट सिस्टम के रूप में जाना जाता है।
