ऊना, राकेश ( TSN)-उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को कहा कि राज्य में डिजिटल प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से सरकारी सेवाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से मंदिरों में दर्शन, दान और अन्य सेवाओं की व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए एक राज्यव्यापी नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री मंगलवार को ऊना के पालकवाह स्थित कौशल विकास केंद्र के सभागार में डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए बोल रहे थे। यह एक दिवसीय सम्मेलन डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार सृजन तथा तकनीक को लोगों के करीब लाने और प्रदेश में सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक सुधार व उनकी पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित था। इसमें नागरिक-केंद्रित डिजिटल एप्लिकेशनों और उभरती तकनीकों को समझने तथा समग्र विकास में उनके उपयोग को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
शुभारंभ सत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन, आईआईआई ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर, बजाज फाइनेंस के मुख्य सूचना एवं तकनीकी अधिकारी अनुराग जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, उपायुक्त जतिन लाल,डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजीव कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सेमवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ, हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कौशल सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्यमियों, शिक्षण संस्थानों के बच्चों, लोक मित्र केंद्रों के संचालकों समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।
सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विभाग को प्रदेश के मंदिरों में दर्शन, दान और अन्य सेवाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ करने मेें डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर राज्यव्यापी नीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ एवं ऐतिहासिक मंदिर हैं। डिजिटल माध्यम से मंदिर दर्शन और डोनेशन की व्यवस्था बनाने समेत प्रदेश के लिए एकरूप डिजिटल व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करें। उन्होंने शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी के सदुपयोग पर बल दिया है। साथ ही सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार सृजन में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर फोकस करने को कहा।
