दिल्ली (एकता): आजकल Low Blood Pressure की समस्या आम हो गई है। यह सब गलत खान-पान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से है। यह समस्या शरीर में तब बनती है, जब बॉडी में रक्त का प्रवाह कम होता है। यह समस्या उनमें ज्यादा होती है, जो कि एक जगह ही बैठकर काम करते हैं और सही से खाना नहीं खाते। उनको ज्यादा थकावट और कमजोरी महसूस होती है। अगर आप इन सबसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप कुछ चीजों का सेवन करके इसे कंट्रोल कर सकते हैं। इन चीजों से आपको ज्यादा फायदा मिलेग। ब्लड प्रेशर की समस्या को lightly नहीं लेना चाहिए। यह हमारी सेहत के लिए काफी जानलेवा हो सकती है। हमारे शरीर का सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होना चाहिए, अगर यह 90/60 mmHg से कम हो जाए तो लो ब्लड प्रेशर माना जाता है। इसमें चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, सिरदर्द और कमजोरी जैसे कई लक्षण देखने को मिलते हैं। इसे सही समय पर कंट्रोल में करना चाहिए। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक उपाय से इसे आप कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानिए इसको ठीक करने के लिए क्या खाएं।

तुलसी की पत्तियां
लो बीपी की समस्या में आपके लिए तुलसी की पत्तियां सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं। इसमें विटामिन-सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो बीपी को कंट्रोल करती हैं। अगर आपका बीपी एक दम लो हो जाए तो बस आपको 4-5 तुलसी की पत्तियां चबानी होगी।

सेंधा नमक
आप इसके लिए सेंधा नमक भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। जिससे आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। आपको बस एक गिलास में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पीना होगा।

काली मिर्च
काली मिर्च भी इसके लिए काफी फायदेमंद है। यह लो और हाई बीपी दोनों कंडीशन में बॉडी में सही रखती है। आप इसे गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।

अश्वगंधा
अश्वगंधा लो बीपी के लिए सबसे ज्यादा सही है। कई लोग इसका इस्तेमाल वैसे खाने में भी करते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं। इसे बस आपको एक चम्मच पानी के साथ लेना है।

मुनक्का
लो बीपी को कंट्रोल करने में मुनक्का भी गजब की चीज है। रात में इसे आप 4-5 मुनक्का को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट खाएं। आप इसका सेवन रोज करें इससे आपको थोड़े दिनों में ही असर नजर आने लगेगा। आपकी धीरे-धीरे लो बीपी की समस्या कम हो जाएगी।
लो बीपी की समस्या क्या है?
प्रेशर या निम्न रक्तचाप एक स्वाभाविक शरीरिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के रक्तचाप का स्तर सामान्य से कम होता है। इस स्थिति में रक्त ध्वजन दीवारों को प्रेशर नहीं प्रदान कर पाता है और इसके परिणामस्वरूप रक्तचाप का स्तर सामान्यतः 90/60 mmHg या इससे कम होता है।
