/ Jun 12, 2026

मधुमक्खी के जहर बी वैनम को बेचकर बन सकते हैं करोड़पति..जानिए बी वैनम की खासियत

करनाल,26 मार्च-एक ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए अपनी आय को बढ़ाना किसानों को सबसे मुश्किल लगता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।बी वैनम यानी मधुमक्खी का जहर बाजार में करोड़ों रुपए में बिकता है।मधुमक्खी के शहद के साथ साथ मधुमक्खी के जहर वी वैनम को बेचकर करोड़पति बन सकते हैं।आज के समय में आपने लोगों को मधुमक्खी का शहद बेचते हुए देखा होगा।बी-वेनम की कीमत 2 हजार से 12 हजार रुपये प्रति ग्राम तक होती है,जिसका उपयोग फार्मा और कॉस्मेटिक कंपनियां दर्द निवारक दवाओं और एंटी-एजिंग क्रीम बनाने में करती हैं। कंपनियां बी-कीपर के पास फ्री में सेटअप लगाकर बी वेनम इक्कठा करती हैं,जिससे किसान बिना किसी अतिरिक्त खर्च के लाभ कमा सकते हैं। 100 मधुमक्खी बॉक्स से महीने में 12 से 17 हजार रुपये तक कमाए जा सकते हैं।मधुमक्खी पालन अब सिर्फ शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है,बल्कि किसान बी-वेनम भी अच्छी कमाई कर सकते हैं जिससे उनकी आय में इजाफा होगा और देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

करनाल के घरौंडा स्थित इंडो इजराइल सब्जी केंद्र उत्कृष्ट सब्जी केंद्र में 11 वें मेगा सब्जी मेले में भारत की एक कंपनी द्वारा इजात की गई बी वैनम निकालने वाली मशीन को उनके विशेषज्ञों द्वारा प्रदर्शित किया गया। विस्तार से जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि आखिर क्यों मधुमक्खियों के जहर इतना कीमती है और ये किस काम में आता है।

क्या है बी वैनम और क्यों है इतना महंगा:

आप सभी को कभी न कभी मधुमक्खी ने जरूर काटा होगा। इसके काटने के बाद आपके शरीर में एक डंक रह जाता है और जहां ये डंक लगा रह जाता है, वहां सूजन और खुजली होने लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मधुमक्खी के इस डंक में जहर होता है। यही मधुमक्खी का कीमती जहर कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा एक मधुमक्खी अपने जीवन में बेहद कम ही मात्रा में जहर छोड़ सकती है। यह भी एक कारण है जिसकी वजह से वी वैनम की कीमत बहुत ज्यादा है।

बी वेनम या मधुमक्खी के जहर के फायदे

मधुमक्खी के जहर का उपयोग बहुत सी दवाओं में और बीमारियों के इलाज में किया जाता है।आपको बता दें कि कुछ लाइलाज बीमारी जैसे गठिया,ब्रेस्ट कैंसर और कई दूसरी तरह के कैंसर की दवाओं में ये जहर उपयोग में लिया जाता है। ऐसे कई देसी उपाय भी हैं, जिनके मुताबिक गठिया को ये बी वेनम पूरी तरह से ठीक कर सकता है।

मधुमक्खी का जहर एकत्रित करने में लागत:

अगर आप पहले ही मधुमक्खी पालन कर रहे हैं तो जहर एकत्रित करने के लिए आपको ये जहर एकत्रित करने वाली मशीन खरीदनी होगी। इस एक मशीन की कीमत करीब 10 से 12 हजार रुपए है। ऐसे में अगर आप ये मशीन 100 से 200 खरीदें तो आप अच्छी मात्रा में जहर एकत्रित कर पाएंगे।

कंपनी द्वारा सेटअप निशुल्क लगाया जाता है :

इसमें कंपनी बी-कीपर के पास जाती है और फ्री में बी-वेनम निकालने का सेटअप लगाकर आती है। जब बी-वेनम तैयार हो जाता है तो कंपनी की टीम बी-कीपर के पास जाती है और वहां से बी-वेनम क्लेक्ट करके ले आती है। अगर कोई किसान 100 बॉक्स से मधु मक्खी पालन करता है तो वह महीने के 12 से 17 हजार रुपए कमा सकता है। अगर किसी के पास 500 बी-बॉक्स है तो वह 75 हजार रुपए तक मंथली इनकम ले सकता है।

मशीन की वर्किंग:

कंपनी के विशेषज्ञ संजय तक्षक ने बताया कि हमने बी-वेनम के लिए एक मशीन बनाई है। किसानों की आय को बढ़ाने में कारगर सिद्ध हो सकती है। मशीन के सेटअप में प्लास्टिक का डोम्ब, पैनल, कांच की स्लाइड और एक मशीन होती है। पैनल में कांच की स्लाइड फिट करके उसके मधुमक्खी के बॉक्स पर रख दिया जाता है और उपर से डॉम्ब ढक दिया जाता है। एक मशीन पर 10 पैनल सेट किए जा सकते है। पैनल में छोटी छोटी रॉड लगी होती है। जिनसे माइक्रो करंट होता है। मधुमक्खिों को सिर्फ हल्का सा झटका देता है। जैसे ही बॉक्स से मधुमक्खी बाहर आती है और पैनल पर बैठती है तो झटके की वजह से मधुमक्खी अपना वेनम कांच पर छोड़ देती है। मधुमक्खी पालन करने वालो में भ्रांतियां रहती है कि इससे मधुमक्खी मर जाती है और उसका कांटा निकल जाता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता। अगर मधुमक्खी किसी को डंक मारती है तो उस दौरान उसका कांटा मानव शरीर में फंस जाता है और उसकी वजह से वह मर जाती है, लेकिन मशीन में सिर्फ वह अपना जहर छोड़ती है, कांटा नहीं। मधुमक्खी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, वह जैसा काम करती है, वह करती रहेगी।

मधुमक्खी के जहर की कीमत:

अगर आप बी वेनम एकत्रित कर खुद बेचकर कमाई करना चाहते हैं तो बता दें कि इसकी कीमत आपको 8 से 10 हजार रुपए ग्राम में बिक सकता है। यानी अगर आप इस जहर की मात्रा एक किलो रखें तो इससे आपको 80 लाख से 1 करोड़ रुपए तक मिल सकता है। हालांकि इसमें जहर की गुणवत्ता का बेहतर होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा आप मधुमक्खी का जहर कितना एकत्रित कर पाते हैं, ये भी इसकी कीमत को बढ़ा या घटा सकता है।

शहद का जो रेट चाहिए वह नहीं मिलता:

संजय बताते है कि मधु मक्खी पालक बी-वेनम कंसेप्ट की तरफ बढ़ रहे है, क्योंकि इसके रिजल्ट अच्छे है और भविष्य में इसकी डिमांड बढ़ने वाली है, क्योंकि मधुमक्खी पालक सिर्फ शहद का ही प्रोडक्शन ले पाते है और शहद का रेट भी उनको सही नहीं मिल पाता और शहद बेचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शहद के रेट से भी सही नहीं मिल पाते। अगर मधुमक्खी पालक बढ़ते है तो वह देश के लिए भी अच्छा है और पोलिनेशन के लिए भी अच्छा है। अगर मधुमक्खी पालक घटते है तो वह देश के लिए ठीक नहीं है।

एक्सपोर्ट होता है तो देश की आर्थिक स्थिति में भी हाेगा सहयोग:

बी-वेनम का एक्सपोर्ट अगर शुरू होता है तो निश्चित ही किसान भाइयों सहित देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। क्याेंकि हमारे देश के प्रधानमंत्री का भी मानना है कि हमारे देश में 2 हजार मिलियन बी-कालोनी होनी चाहिए। अगर यह बी-वेनम अच्छी तरह से निकले और मार्किट में बिकने लग जाता है तो प्रधानमंत्री के सपने को फलीभूत करने में हमारा भी योगदान हो जाएगा।

लक्ष्य क्या है:

संजय बताते है कि नेशनल बी-बोर्ड और बागवानी विभाग के सहयोग से आईबीडीसी रामनगर में भी बी-कीपरों को लगातार ट्रैनिंग दी जा रही है जिससे बी-कीपर अपने इस उद्योग में सफल हो रहे है। यह लोग भी अन्य किसान भाइयों को इस काम की ट्रेनिंग दे तांकि वो भी आर्थिक मजबूत हों और यह उद्योग और आगे बढे।

Ekta TSN

rahulkash03@gmail.com http://www.thesummernews.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

करनाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में चोरी करने वाले दो गैंग पकड़े, 24 वारदातों का खुलासा

करनाल,राकेश कुमार-:सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को निशाना बनाकर मिड-डे मील का सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं चोरी करने वाले दो संगठित गिरोहों का करनाल पुलिस ने पर्दाफाश किया है।सीआईए-3 की टीम ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों और चोरी का सामान खरीदने वाले 2 कबाड़ियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों ने जिले के विभिन्न थाना...

भारत-अफगानिस्तान मैच के मद्देनजर TET अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह

राहुल चावला,धर्मशाला-:हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 13 जून को धर्मशाला में आयोजित होने वाले भारत-अफगानिस्तान एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच को देखते हुए टीईटी जून-2026 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।बोर्ड अध्यक्ष डॉ.राजेश शर्मा ने कहा कि मैच के कारण धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का...

फरीदाबाद में सीवर टैंक में उतरे सफाई कर्मचारी की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

फरीदाबाद-:फरीदाबाद नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है।सेक्टर-19 इलाके में सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक सफाई कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि निगम की शिकायत बंद करने के लिए दो कर्मचारी सीवर टैंक में उतरे थे।इनमें से...

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के हिमाचल दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह

शिमला,संजू-केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हिमाचल प्रदेश आगमन पर शिमला के पीटरहॉफ में भाजपा का विशेष स्वागत एवं संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अवसर पर भाजपा शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि नड्डा का प्रदेश दौरा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक होने के साथ...

हिमाचल में फिर बदला मौसम का मिजाज, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट,14 जून से राहत के आसार

शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश,तेज हवाएं,गरज-चमक और ओलावृष्टि का दौर जारी है।मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विभाग...

NE

News Elementor

We bring you fast, clear, and credible news that cuts through the noise. From breaking headlines to stories that matter, count on us for smart, engaging coverage every day.

Stay informed. Stay curious. Stay with The Summer News.

Popular Categories

Must Read

Copyright © 2025 Summer News Network Pvt. Ltd.