Mandi,19 May-नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंडी से जारी बयान में प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अब अपनी सबसे महत्वपूर्ण चुनावी गारंटी–पुरानी पेंशन योजना (OPS)– से भी पीछे हट रही है।उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लागू करने के विकल्प तलाशने को कहा है, जो सीधे-सीधे कर्मचारियों के साथ धोखा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने के लिए कर्मचारियों को ओपीएस का वादा किया था और इसे अपनी पहली कैबिनेट में लागू करने की घोषणा भी की थी। लेकिन नीतिगत स्पष्टता की कमी और सीमित दायरे में किए गए फैसलों ने शुरुआत से ही भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। बोर्ड व निगम के कर्मचारियों को योजना से बाहर रखना और बाकी विभागों में भी सही ढंग से लागू न कर पाना, सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाता है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए अब केंद्र पर निर्भरता बढ़ाना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कर्मचारियों के साथ विश्वासघात नहीं है?
जयराम ठाकुर ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने भी एक संतुलित और दीर्घकालिक पेंशन योजना के लिए केंद्र सरकार से विचार-विमर्श किया था, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों से समय मांगा था। उनका उद्देश्य एक ऐसी योजना बनाना था, जो राज्य और कर्मचारियों दोनों के हितों की रक्षा कर सके।
गारंटियों पर खरे न उतरने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद से एक-एक करके अपनी सभी चुनावी गारंटियों से किनारा किया है।चाहे वह 1 लाख युवाओं को पहली कैबिनेट में नौकरी देने की बात हो या हर महिला को ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा– सब केवल कागज़ों तक सीमित रह गए हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली की 300 यूनिट फ्री देने की गारंटी भी पूरी नहीं हुई, बल्कि पुरानी सब्सिडी को समाप्त कर बिजली दरें कई गुना बढ़ा दी गईं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने नए संस्थान खोलने के बजाय 2000 से अधिक स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं।
“जनादेश से विश्वासघात कर रही है सरकार”
जय राम ठाकुर ने कहा कि जिन वादों और गारंटियों के आधार पर जनता ने कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, उनसे मुकर जाना जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब जनता को सच्चाई से अवगत कराया जाए और सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाया जाए।
