लुधियाना | रायकोट स्थित एसडीएम ऑफिस में विजिलेंस ब्यूरो की छापेमारी के बाद शुक्रवार को पूरा कार्यालय खाली मिला। छापे के दौरान स्टेनो का कमरा और मुख्य द्वार बंद पाए गए। इस कार्रवाई ने सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से जमी जमात और भ्रष्टाचार की संभावित जड़ें उजागर कर दी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से एक ही पद पर तैनात कर्मचारियों के जरिए रिश्वतखोरी का संगठित नेटवर्क खड़ा हो जाता है। पकड़ा गया कर्मचारी भी कई वर्षों से उसी ऑफिस में कार्यरत था। लोगों की मांग है कि हर 2-3 साल में कर्मचारियों के स्थानांतरण सुनिश्चित किए जाएं ताकि ऐसे नेटवर्क बनने से रोका जा सके।
24.06 लाख की बरामदगी, स्टेनो गिरफ्तार
गुरुवार देर शाम विजिलेंस टीम ने रायकोट के एसडीएम गुरबीर सिंह के दफ्तर में छापा मारा। इस दौरान ऑफिस से ₹24.06 लाख की नकदी बरामद हुई। छापे के दौरान एसडीएम गुरबीर सिंह मौके से फरार हो गया, जबकि उसका स्टेनो जतिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
विधायक की टीम के साथ शुरू हुआ था विवाद
सूत्रों के मुताबिक, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार की टीम ने पहले एसडीएम ऑफिस में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामला बढ़ा और लुधियाना से विजिलेंस टीम को बुलाया गया। डीएसपी शिवचंद अपनी टीम के साथ पहुंचे और करीब दो घंटे तक कार्रवाई चली। इस दौरान मीडिया या अन्य अधिकारियों को ऑफिस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
पूछताछ के बाद स्टेनो जतिंदर सिंह को लुधियाना ले जाया गया है और एसडीएम गुरबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर रिश्वत सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं हो सकती।
