मोहाली | पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार डेंगू, कोविड-19 और गर्मी की लहर (लू) से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कोरोना से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
शुक्रवार को “हर शुक्रवार, डेंगू पर वार” अभियान के तहत डॉ. बलबीर सिंह ने मोहाली के नजदीकी अर्ध-शहरी गांव बलोंगी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को बताया कि एयर कूलर की टंकी, फ्रिज की ट्रे, गमले और पक्षियों के पानी के बर्तन डेंगू मच्छर के लार्वा के प्रमुख स्रोत बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है हर हफ्ते जमा पानी को खाली करना, क्योंकि डेंगू मच्छर का लार्वा 7 दिन में मच्छर बन जाता है। खासकर हर शुक्रवार को यह आदत अपनाकर बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
घर-घर पहुंच रही 50,000 से अधिक स्वास्थ्य टीमें
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य भर में हर शुक्रवार को 50,000 से ज्यादा स्वास्थ्य टीमें—जिनमें नर्सिंग छात्र, आशा वर्कर, मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, स्कूल शिक्षक और ब्रीडर चेकर शामिल हैं—लोगों के घर-घर जाकर डेंगू लार्वा की जांच कर रही हैं और जागरूकता फैला रही हैं।
बलोंगी में एक विशेष मौके पर उन्होंने एयर कूलर की टंकी में लार्वा ढूंढने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोमप्रीत कौर और सरोज को ₹500-₹500 का नकद पुरस्कार भी दिया।
कोरोना की स्थिति नियंत्रण में, गर्मी से सतर्क रहने की सलाह
कोविड-19 को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भले ही हरियाणा और दिल्ली में मामूली वृद्धि देखी गई है, लेकिन पंजाब में अब तक सिर्फ 31 मामले दर्ज हुए हैं, जो माइल्ड और बिना लक्षणों वाले हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो मौतें रिपोर्ट हुई हैं, लेकिन वे प्रत्यक्ष रूप से कोविड से नहीं जुड़ी मानी जा रही हैं क्योंकि मरीजों को अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। गर्मी की लहर को लेकर उन्होंने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी।
गांव के छप्पड़ की सफाई के निर्देश
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर डॉ. हथिंदर कौर, एसडीएम दमनीप कौर, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, डॉ. अर्शदीप कौर, डॉ. अनामिका सोनी, डॉ. हरमन बराड़, पंचायत सदस्य और अनेक स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने एसडीएम को गांव के जोहड़ (छप्पड़) की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
