Chandigarh,1 August-चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फेक इंश्योरेंस पॉलिसी फ्रॉड के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से 6 सिम बॉक्स,400 सिम कार्ड, 11 मोबाइल,लैपटॉप और अन्य उपकरण बरामद किए।
मामला कैसे खुला
11 जुलाई 2023 को एक महिला ने शिकायत दी कि उसे व्हाट्सएप कॉल पर आईसीआईसीआई बैंक अधिकारी और फिर फर्जी सीबीआई अफसर बनकर 1.01 करोड़ रुपये ‘सेफ कस्टडी’ के नाम पर ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
गिरोह का नेटवर्क
कॉल डिटेल और कस्टमर फॉर्म की जांच से विजय कुमार व उसके साथी कृष्ण और शुभम मेहरा का नाम सामने आया।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह ‘सिम बॉक्स’ का इस्तेमाल करता था, जिससे विदेशी कॉल को लोकल कॉल में बदलकर लोगों को फंसाया जाता था।आरोपी खुद को TRAI, CBI या FedEx का अधिकारी बताते थे और फर्जी वीडियो कॉल पर पुलिस स्टेशन जैसी सेटिंग दिखाकर पीड़ितों को डराते थे।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने परवेज चौहान (33), शुभम मेहरा (25), सुहैल अख्तर (35), कृष्ण साह (21), विजय कुमार (22), विकास कुमार (22), अजीत कुमार (22), विपिन कुमार (22), सरोज कुमार (19) और अभिषेक कुमार (19) को गिरफ्तार किया।
युवाओं का इस्तेमाल
विदेशी गिरोह फेसबुक व टेलीग्राम के जरिए भारतीय युवाओं को सिम बॉक्स ऑपरेट करने के लिए 20-25 हजार रुपये प्रति माह का लालच देकर इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस की अपील
कोई भी पुलिस/CBI अधिकारी फोन या व्हाट्सएप पर निजी जानकारी नहीं मांगता।संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें।किसी को भी अपना सिम कार्ड या बैंक खाता न दें।शिकायत तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें।
