Karnal,17 November-हरियाणा में वोट चोरी के कांग्रेस के आरोपों पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सोमवार को कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव परिणाम संगठन की मजबूती से तय होते हैं,न कि आरोप-प्रत्यारोप से।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसलिए दिक्कत आ रही है क्योंकि उसके पास ग्राउंड पर बूथ लेवल कार्यकर्ता ही नहीं बचे हैं।
राणा ने बताया कि हरियाणा में 20,632 बूथ हैं और हर पार्टी को उतने ही BLA-2 की आवश्यकता होती है, जिन्हें काउंटिंग के दौरान चुनाव आयोग अनुमति देता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बूथ वही संभाल सकता है जिसके पास मजबूत संगठन हो। “जब बूथ पर ही कार्यकर्ता नहीं होंगे, तो गिनती के समय परेशानी कांग्रेस को ही होगी,” राणा ने कहा।
राहुल गांधी और लालू परिवार पर भी साधा निशाना
राणा ने कहा कि राहुल गांधी बूथ प्रक्रिया को नहीं समझते, जबकि उनके परिवार में चार पीढ़ियों तक प्रधानमंत्री रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शीर्ष पदों पर रहने वाले परिवारों का ग्राउंड लेवल अनुभव खत्म हो जाता है। इसी कड़ी में उन्होंने लालू यादव परिवार पर भी प्रहार किया।
राणा के अनुसार, चुनाव वही पार्टी जीतती है जिसकी जड़ें बूथ तक मजबूत हों। इसलिए कांग्रेस की असली समस्या संगठन की कमजोरी है, न कि कथित वोट चोरी।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का फोकस प्राकृतिक खेती पर
कृषि मंत्री ने कृषि और बागवानी से जुड़े सरकारी प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन,बागवानी,मछली पालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य रसायन-रहित खेती को बढ़ावा देना है जिससे किसानों का खर्च घटे और लोगों को स्वास्थ्यवर्धक अनाज मिले।उन्होंने बताया कि धान और गेहूं में रासायनिक खाद ज्यादा लगती है,जो बीमारियों को जन्म देती है,जबकि मोटे अनाज कम लागत में तैयार हो जाते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर हैं।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं,इसलिए प्राकृतिक खेती पर उनका विशेष फोकस है।राणा ने कहा कि गुरुग्राम और हिसार में जल्द ही ऑर्गेनिक अनाज की विशेष मंडियां बनाई जाएंगी, ताकि किसान अपने जैविक उत्पादों को बेहतर कीमतों पर बेच सकें।
प्राकृतिक खेती को बताया भविष्य
कृषि मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में प्राकृतिक खेती बड़ा बदलाव लाएगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि उपभोक्ताओं तक रसायन-मुक्त,गुणवत्तापूर्ण अनाज पहुंचेगा। सरकार किसानों को प्रशिक्षण,तकनीक और बाजार—सभी उपलब्ध कराने पर काम कर रही है ताकि हरियाणा प्राकृतिक खेती का प्रमुख केंद्र बन सके।
