धर्मशाला-: जिला कांगड़ा में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बैजनाथ क्षेत्र के दो कुख्यात और आदतन तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट, 1988 के तहत तीन-तीन माह की निवारक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों आरोपियों की गतिविधियां क्षेत्र में युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही थीं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पहले आरोपी अश्वनी राणा, निवासी पिहार (बैजनाथ), के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज हैं। ये मामले कुल्लू, बिलासपुर और पंजाब के समराला थाना क्षेत्रों में दर्ज किए गए थे, जिनमें उसके कब्जे से हेरोइन (चिट्टा) और चरस बरामद की गई थी। कई बार गिरफ्तारी और जमानत के बावजूद वह नशा तस्करी में सक्रिय बना हुआ था।दूसरा आरोपी रामदास उर्फ रामू, निवासी बैजनाथ, के खिलाफ भी तीन मामले दर्ज हैं। इनमें दो मामले पालमपुर और एक शाहपुर थाना में दर्ज है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से भी हेरोइन बरामद की गई थी और वह लगातार नशा सप्लाई में संलिप्त पाया गया।
एएसपी कांगड़ा राजेंद्र जसवाल ने बताया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया कि दोनों आरोपी क्षेत्र में नशीले पदार्थों के वितरण में सक्रिय थे। इसके चलते 6 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ निवारक हिरासत का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे सक्षम प्राधिकारी ने मंजूरी दे दी।आदेशों के तहत दोनों आरोपियों को तीन माह के लिए जिला कारागार कांगड़ा (धर्मशाला) में निरुद्ध कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
