मोनिका रावत,चंडीगढ़। जनगणना-2027 की शुरुआत हो चुकी है। 60 हजार से ज्यादा कर्मियों को जनगणना का जिम्मा सौंपा गया है। जनगणना को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन शिक्षक जनगणना ड्यूटी से कन्नी का काट रहे हैं। ज्यादातर शिक्षक जनगणना ड्यूटी से गैर-हाजिर मिल रहे हैं। लिहाजा, शिक्षकों की लापरवाही शिक्षा निदेशक ने कड़ा संज्ञान लेते हुए गैर हाजिर रहने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बहरहाल, शिक्षा निदेशक की नाराजगी शिक्षकों पर न केवल भारी पड़ेगी, बल्कि गाज गिरना भी तय माना जा रहा है।
शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया ने वीडियो क्रांफेंसिंग के जरिये जनगणना-2027 की समीक्षा की। जिला शिक्षा अधिकारी और मौलिक शिक्षा अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। शिक्षा निदेशक ने एक-एक जिले की कार्य समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि शिक्षक जनगणना ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, ज्यादातर शिक्षक ड्यूटी से अनुपस्थित मिल रहे हैं। शिक्षकों की लापरवाही पर शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कड़ी हिदायत दी कि जनगणना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार की जाए, संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा निदेशक ने जनगणना ड्यूटी कटवाने को लेकर आ रही सिफारिशों पर भी दो टूक कहा कि किसी स्तर पर जनगणना ड्यूटी नहीं काटी जाएगी। सभी सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों के पूरे स्टाफ और छात्रों को जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया को पूरी करना अनिवार्य है, ताकि अभियान समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।जनगणना का कार्य पहली मई से 31 मई तक चलेगा, जिन अध्यापकों की ड्यूटी लगी है, वे स्कू समय से पहले या बाद में काम पूरा करेंगे। केवल उन्हीं शिक्षकों को छूट दी जाएगी, जोकि दूसरे जिलों से हैं। हालांकि, उनकी मूवमेंट रजिस्टर में एंट्री होनी अनिवार्य है।
स्कूल टाइम के दौरान स्कूल से गैर-हाजिर शिक्षक पर होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि निदेशालय के संज्ञान में आया है कि जनगणना ड्यूटी के नाम पर शिक्षक स्कूल से गायब हो रहे हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, यदि कोई स्कूल स्कूल समय के दौरान जनगणना कार्य के नाम पर अनुपस्थित या फिर मूवमेंट रजिस्टर में उसकी एंट्री नहीं मिली तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, शिक्षा निदेशक ने सख्त हिदायत दी कि जनगणना कार्य के बहाने शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
कमजोर विद्यार्थियों की लगाई जाएंगी एक्सट्रा
शिक्षा निदेशक ने बैठक के दौरान क्लास रेडिनेस प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए हिदायत दी कि जो विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी एक्सट्रा क्लासें लगाई जाएंगी। ताकि पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को होनहार बच्चों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। इसके साथ ही, शिक्षा निदेशक ने सभी बीईओ और डिप्टी डीईओ को स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश और शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नामांकन बढ़ाने की भी हिदायत दी।
