चंडीगढ़, 23 फरवरी-:चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी धन से जुड़े बैंक खातों में सामने आई गड़बड़ी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पैसे पहले से अलग-अलग बैंकों में जमा किए जाते रहे हैं और IDFC First Bank में भी कुछ विभागों के खाते थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रो-एक्टिव होकर बैंक खातों का मिलान कराया। इस दौरान जनवरी माह के मध्य में कुछ खातों का मिलान नहीं हो पाया। मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत बैंक को संबंधित खाते बंद करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बैंक की ओर से 21 तारीख को पत्र लिखा गया, जबकि उससे पहले ही सरकार की तरफ से बैंक के साथ इस संबंध में संवाद किया जा चुका था। सरकार ने बैंक को निर्देशित किया है कि संपूर्ण राशि ब्याज सहित अधिकृत बैंक में स्थानांतरित की जाए।मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों ने इस विषय को गंभीरता से उठाया है।पूरे मामले की जांच के लिए हरियाणा सरकार ने इसे एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया है। साथ ही एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जा रहा है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का एक-एक पैसा सुरक्षित है और पूरा धन वापस लाया जाएगा।
