शिमला,संजू-हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और विभिन्न विभागों को पहले से ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई है।
नेगी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग,जल शक्ति विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में नुकसान कम करने के लिए भी कई कदम उठा रही है। नदियों और खड्डों में ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है, वहीं भूस्खलन प्रभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा रहा है। उनका कहना था कि इन प्रयासों का उद्देश्य जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।निर्माण गतिविधियों को लेकर भी सरकार नई नीति को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रही है। नेगी ने बताया कि इस संबंध में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठकों का आयोजन किया गया है और उच्च न्यायालय से प्राप्त निर्देशों को भी नीति में शामिल किया जा रहा है। जल्द ही पंचायतों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे, जिनमें भवन निर्माण से जुड़े नियम स्पष्ट किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत यह निर्धारित किया जाएगा कि किसी भूखंड पर कितनी मंजिलों तक निर्माण की अनुमति होगी और इसके लिए किन मानकों का पालन करना होगा। साथ ही नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसे प्रावधान भी नीति का हिस्सा होंगे।
इस दौरान जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के समय केंद्र का रवैया हिमाचल के प्रति सहयोगात्मक नहीं रहा है। नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री प्रदेश के दौरे के दौरान बड़े-बड़े दावे करते हैं,लेकिन वास्तविक सहायता के मामले में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई सहायता संबंधी घोषणाओं का लाभ प्रदेश को अब तक नहीं मिला है।नेगी ने विपक्ष और पूर्व भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू लगातार प्रदेश के अधिकारों और हितों की पैरवी कर रहे हैं,जबकि पिछली सरकार केंद्र के सामने अपनी बात मजबूती से नहीं रख सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रदेश के हितों के विपरीत शर्तों पर केंद्र को सौंप दिया गया। नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार के समय न तो प्रदेश को कोई बड़ा नया प्रोजेक्ट मिला और न ही आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ,जबकि कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश की जनता वास्तविक स्थिति को समझ चुकी है और भाजपा के आरोपों से गुमराह नहीं होगी।
