ऊना, राकेश -:हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल से टोल टैक्स बढ़ाने के फैसले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह के फैसलों पर चर्चा शुरू हो गई है, वहीं अब हिमाचल के भीतर ही इस निर्णय का विरोध तेज हो गया है।सीमावर्ती इलाकों के लोगों और ट्रांसपोर्टरों के बाद अब व्यापार मंडल और उद्योग संघ भी खुलकर सरकार के खिलाफ उतर आए हैं।
ऊना के मैहतपुर में हुई संयुक्त बैठक में व्यापारियों और उद्योगपतियों ने टोल टैक्स वृद्धि को जनहित, व्यापार और उद्योग के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि दूसरे राज्यों से आने वाले ग्राहक कम हो सकते हैं।उद्योग संघ के प्रतिनिधियों ने भी चेतावनी दी कि टोल बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे तौर पर महंगाई पर पड़ेगा और आम लोगों को इसकी मार झेलनी पड़ेगी।व्यापार मंडल और उद्योग संघ ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई, तो 31 मार्च को मैहतपुर बॉर्डर पर बाजार बंद कर संयुक्त धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।इसके अलावा, उन्होंने बीजेपी के विधायकों, विपक्ष के नेता और सांसद को पत्र लिखकर संसद में एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाने की भी मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
