धर्मशाला, राहुल -जिला कांगड़ा की लाखों की आबादी आज भी रेल सुविधा से वंचित है, जिससे लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। कांगड़ा घाटी रेल संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द रेल सेवा बहाल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा केंद्रीय मंत्रियों के जनमत को प्रभावित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
समिति के पदाधिकारी प्रेम चंद विश्वकर्मा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि रेल बहाली को लेकर कई बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य डीसी कांगड़ा से मिलने पहुंचे और इस दौरान डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी भी की गई, ताकि प्रशासन के माध्यम से उनकी आवाज केंद्र तक पहुंच सके।विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि चक्की खड्ड पर टूटा हुआ रेल पुल अब पूरी तरह तैयार है और रेलवे अधिकारियों द्वारा कांगड़ा घाटी ट्रैक का निरीक्षण भी किया जा चुका है। निरीक्षण में ट्रैक को सुरक्षित और संचालन योग्य पाया गया है, इसके बावजूद रेल सेवा शुरू नहीं की गई है, जो समझ से परे है।उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अवगत करवाया गया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। चार वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सेवा शुरू न होना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो प्रदेशभर की जनता को साथ लेकर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
