शिमला, संजू -: शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ते हुए सप्लाई और डिमांड नेटवर्क पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए हैं और 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि अब केवल नशा बरामद करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
जिला शिमला के एएसपी मुख्यालय अभिषेक ने बताया कि पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल बॉर्डर और केरल सहित कई बाहरी राज्यों तक फैले नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 42 आरोपियों को विशेष टीमों के माध्यम से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वित्तीय जांच के जरिए अब तक कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज की है। खास बात यह है कि वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कोई बड़ी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई नहीं हुई थी।
कुमारसैन मामले में 53 लाख की संपत्ति फ्रीज
थाना कुमारसैन के मुकदमा नंबर 27/2026 में पुलिस ने वित्तीय जांच के बाद करीब 53 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को नेपाल निवासी ऐन बहादुर, चक्र बहादुर और मोहन शाही को 9.028 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।जांच के दौरान 12 अप्रैल को पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज खंगालते हुए कंडाघाट स्थित लक्ष्मी टी स्टॉल में दबिश दी, जहां से 2.039 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। इसके बाद महिला आरोपी लक्ष्मी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल चारों आरोपी सब जेल कैथू में न्यायिक हिरासत में हैं।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ऐन बहादुर उर्फ राजू और लक्ष्मी लंबे समय से कंडाघाट, नारकंडा और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं तथा अन्य तस्करों को अफीम की सप्लाई कर रहे थे। जांच में पाया गया कि ऐन बहादुर ने नशे के कारोबार से कमाई कर इनोवा और अर्बन क्रूजर जैसी गाड़ियां खरीदी थीं, जबकि उसके पास से 12 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। वहीं आरोपी लक्ष्मी ने अवैध कमाई से रॉयल एनफील्ड बाइक खरीदी और उसके बैंक खातों में 5 लाख रुपये जमा पाए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों की कुल 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है।जांच में यह भी सामने आया कि लक्ष्मी के खिलाफ वर्ष 2016 में भांग तस्करी का मामला भी दर्ज है, जो अभी अदालत में विचाराधीन है।
कोटखाई के आरोपी पर 60 लाख की कार्रवाई
दूसरी ओर थाना कोटखाई के पुराने एनडीपीएस मामलों में आरोपी आर्यन के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उसकी करीब 60 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। आर्यन वर्ष 2023 और 2025 में दर्ज चिट्टा और हेरोइन तस्करी के मामलों में संलिप्त पाया गया था और वर्ष 2026 में उसे PIT NDPS के तहत निरुद्ध किया गया।पुलिस जांच के अनुसार, 15 मई 2025 को आर्यन को उसके सह आरोपी लवली के साथ 4.82 ग्राम चिट्टा सहित पकड़ा गया था, जबकि 1 मई 2023 को भी वह 1.15 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार हुआ था। वित्तीय जांच में सामने आया कि उसके बैंक खाते में वर्ष 2024 में 23 लाख और वर्ष 2025 में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि उसकी आय का कोई वैध स्रोत नहीं था।पुलिस ने पाया कि आरोपी ने नशे के कारोबार से कमाई कर अपने नाम स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी और दो मंजिला मकान भी बनवाया। शिमला पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह वित्तीय जांच और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
