शिमला,संजू -:हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के पहले चरण के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल द्वारा 75 प्रतिशत जीत का दावा किए जाने पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के दावों को वास्तविकता से दूर बताते हुए कहा कि पंचायत चुनावों को राजनीतिक “सेमीफाइनल” के रूप में पेश करना पूरी तरह गलत है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, बल्कि उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि, स्थानीय विकास कार्यों और जनता के भरोसे के आधार पर परिणाम तय होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पंचायत चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों पर क्या भाजपा का कोई आधिकारिक ठप्पा लगा हुआ है? मंत्री ने कहा कि जो प्रतिनिधि जीतकर सामने आए हैं, उन्होंने अपनी मेहनत, जनसंपर्क और स्थानीय समर्थन के दम पर सफलता हासिल की है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिना किसी ठोस आधार के बड़े-बड़े दावे कर रही है और जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों के अभी दो चरण बाकी हैं, इसलिए पूरे चुनाव परिणाम आने से पहले किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
लोक निर्माण मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों की प्रकृति विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पूरी तरह अलग होती है। उनके अनुसार पंचायत स्तर पर स्थानीय मुद्दे, गांव की आवश्यकताएं और क्षेत्रीय नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,जबकि बड़े चुनावों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक मुद्दे प्रभाव डालते हैं। ऐसे में पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनावों का “सेमीफाइनल” कहना उचित नहीं है।उन्होंने नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि पार्टी को जनता का अच्छा समर्थन मिला है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों में जीतकर आने वाले सभी प्रतिनिधियों के साथ राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
