शिमला,संजू -:कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है,इसलिए इसकी सच्चाई पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आनी चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल राज्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं है और पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में करवाई जानी चाहिए।शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राठौर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी)का गठन किया है,लेकिन कांग्रेस को इस जांच की निष्पक्षता पर संदेह है।उनका आरोप था कि इस तरह की जांच में तथ्यों को दबाने या जिम्मेदार लोगों को बचाने की आशंका बनी रहती है।उन्होंने मांग की कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राठौर ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया है,जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाया और चुनावों से पहले जल्दबाजी में मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल सामने आए हैं,जिनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मामला इतना गंभीर है तो केंद्रीय जांच एजेंसियां,जैसे ईडी और सीबीआई, अब तक इसकी जांच क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जांच पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी होनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान राठौर ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की नीति पर भी केंद्र सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि सरकार को उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराने चाहिए और एक ही प्रकार का ईंधन सभी पर नहीं थोपना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है।साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं आई, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
