नाहन-:सीटू जिला सिरमौर कमेटी की बैठक रविवार को नाहन में कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई।बैठक में केंद्र और प्रदेश की मौजूदा आर्थिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए मजदूरों,किसानों,खेत मजदूरों, कर्मचारियों,योजना कर्मियों तथा अन्य मेहनतकश वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,जिला प्रभारी जगत राम और जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण सार्वजनिक उपक्रमों ,बैंक,बीमा,बिजली,परिवहन तथा प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है।उनका आरोप था कि इससे आम जनता और श्रमिक वर्ग के हित प्रभावित हो रहे हैं।
नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित चार लेबर कोड श्रमिकों के लंबे संघर्षों से हासिल अधिकारों को कमजोर करते हैं।उन्होंने इन श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इनके लागू होने से कार्य अवधि बढ़ने,यूनियन अधिकार सीमित होने,छंटनी आसान बनने और सामाजिक सुरक्षा कमजोर होने की आशंका है।बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समझौतों से हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों,बागवानों और अन्य किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।मनरेगा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने आरोप लगाया कि योजना के बजट में कटौती से ग्रामीण गरीबों के रोजगार पर असर पड़ा है। उन्होंने मनरेगा के तहत कम से कम 200 दिन का रोजगार, ₹600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी, समय पर भुगतान तथा शहरी रोजगार गारंटी कानून लागू करने की मांग दोहराई।बैठक में महंगाई पर नियंत्रण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने,ठेका प्रथा समाप्त करने,समान काम के लिए समान वेतन लागू करने,सभी योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।वक्ताओं ने कहा कि रोजगार,महंगाई,शिक्षा,स्वास्थ्य और कृषि जैसे जनसरोकारों के मुद्दों पर व्यापक एकजुटता की आवश्यकता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय अधिवेशन,29 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन तथा 10 अगस्त के प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में सिरमौर जिले से बड़ी संख्या में मजदूरों,किसानों,खेत मजदूरों, आंगनवाड़ी,मिड-डे मील और आशा वर्कर्स सहित विभिन्न संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।इसके लिए पूरे जिले में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।बैठक में आंगनवाड़ी यूनियन की जिला महासचिव एवं सीटू जिला कोषाध्यक्ष वीना,जिला उपाध्यक्ष इंदु तोमर, रिजवान, नीलम शर्मा, सुमन ठाकुर,मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के जिला महासचिव संदीप, जिला अध्यक्ष विनीत, सुदेश, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र, चंदर कला, लता, जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड सत्या,श्याम दत्त, देवकुमारी,लीला, माया, अंजू, ममता,श्यामा, शीला सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बैठक के अंत में जिले के मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं और लोकतांत्रिक संगठनों से आगामी आंदोलनों को सफल बनाने तथा श्रमिक-किसान हितों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
