शिमला,संजू-;हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में मौसम के और अधिक खराब होने की संभावना जताई गई है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने,नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।सोलन जिले के कंडाघाट में लगभग 100 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई,जबकि बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर बारिश हुई।शिमला शहर में 16 मिलीमीटर,कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी क्षेत्र में करीब 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।सिरमौर समेत अन्य कई इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर,30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी,शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं 31 जुलाई को ऊना,बिलासपुर,चंबा,कांगड़ा और शिमला जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।
वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी।इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा हो सकती है।हालांकि फिलहाल प्रदेश में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है।लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए बारिश के दौर के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड संबंधी बुलेटिन भी जारी करेगा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।केवल हमीरपुर,कांगड़ा,मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है,जिसे विभाग ने अब भी सामान्य श्रेणी में माना है।विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने,पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
