राहुल चावला,धर्मशाला-:धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की ओर से आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने राहत राशि में उल्लेखनीय इजाफा किया है।मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं,उन्हें नए मकान के निर्माण के लिए ₹7.5 लाख की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा घरेलू सामान, पलंग, बच्चों की किताबें और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए अतिरिक्त ₹1 लाख की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक पात्र परिवार को कुल ₹8.5 लाख का राहत पैकेज मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मकानों तक ही राहत सीमित नहीं है, बल्कि पशुधन और कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि गाय की मृत्यु होने पर ₹55 हजार, भेड़-बकरी की मृत्यु पर ₹15 हजार, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दुकानों के लिए ₹1 लाख तथा खेत बह जाने की स्थिति में प्रति दो कनाल ₹10 हजार की सहायता प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा के बयान का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती,कर्मचारी चयन आयोग और अन्य परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने और बेचे जाने के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के चार महीने के भीतर ही कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार,भर्ती घोटालों और पेपर लीक मामलों को लेकर राज्य सरकार जल्द ही एक श्वेत पत्र जारी करेगी।इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर एक समिति का गठन किया जाएगा,जो सभी मामलों की जांच कर विस्तृत जानकारी जनता के सामने रखेगी।भाजपा द्वारा सरकार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को पहले अपने आंतरिक मतभेद दूर करने चाहिए।उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार पूरी तरह स्थिर है और उसे जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है।विधायक दल में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खरीद-फरोख्त की राजनीति में विश्वास नहीं करती।साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कुछ नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं,लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े लोगों को कांग्रेस में शामिल नहीं किया जाएगा।
