मोहाली | उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने आईबीएम उभरती प्रौद्योगिकी केंद्र की शुरुआत की है। यह केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
इस केंद्र का उद्घाटन सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के माननीय प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सुशील पराशर, आईबीएम के वरिष्ठ अधिकारियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इस केंद्र के माध्यम से यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में आईबीएम द्वारा तैयार अध्ययन सामग्री, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक कार्य परिस्थितियों का अनुभव भी प्रदान करना है।
अभियांत्रिकी और प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए स्थापित यह केंद्र अनुभवी विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में परियोजनाओं, अध्ययन उदाहरणों और व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा प्रदान करेगा। यहां विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सृजनात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आँकड़ा विज्ञान, यंत्र अधिगम, क्वांटम संगणना, व्यवसाय विश्लेषण तथा अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी, जिनकी आज वैश्विक स्तर पर तेजी से मांग बढ़ रही है।
विद्यार्थियों को आईबीएम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार की संभावनाएं मजबूत होंगी। साथ ही उन्हें नवीन अध्ययन संसाधनों, उद्योग आधारित विषयवस्तु और व्यवहारिक समस्याओं के समाधान पर आधारित प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और तकनीकी क्षमता का विकास होगा।
इस अवसर पर सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के माननीय प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो समय के साथ बदलती उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि आईबीएम के साथ यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराएगी, जिससे वे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं के लिए भी पूरी तरह तैयार हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार ऐसे उद्योग सहयोग विकसित कर रहा है, जिनसे विद्यार्थियों को कक्षा में सीखी गई बातों को वास्तविक जीवन में लागू करने का अवसर मिले। इसी सोच के तहत स्थापित यह केंद्र विद्यार्थियों को नवाचार, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव के साथ एक सफल पेशेवर बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में यह केंद्र विद्यार्थियों को नई सोच, आधुनिक कौशल और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली उद्योग आधारित शिक्षा को और अधिक मजबूत बनाते हुए भविष्य के कुशल और नवाचारी पेशेवर तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है।
