शिमला-:हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मंगलवार देर शाम से प्रदेश के कई मैदानी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार,ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार देर शाम से मौसम में बदलाव शुरू होगा और इसका असर रात के समय बढ़ सकता है।इस दौरान ऊना,बिलासपुर,हमीरपुर,कांगड़ा,मंडी, शिमला और सोलन के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 अक्टूबर तक प्रदेश के मैदानी और मध्यवर्ती जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।इसके बाद 10 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने का अनुमान है।
चार दिन भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी चार दिनों के दौरान मैदानी और मध्यवर्ती जिलों के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद और देर शाम भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर अलग दिखाई दे सकता है।कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।इससे इन इलाकों में तापमान गिरने के साथ ठंड बढ़ सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। शिमला में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है।केलांग में 24.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ,जो सामान्य से लगभग 9 डिग्री अधिक रहा। कल्पा में भी अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है।मैदानी क्षेत्रों में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और ऊना में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा का कहना ये
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का प्रवेश करीब 30 जून को हुआ था और 1 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मॉनसून सक्रिय हो गया था।सामान्य तिथि की तुलना में मॉनसून करीब छह दिन देरी से पहुंचा था। इस वर्ष मॉनसून की विदाई भी सामान्य से देर से हुई।प्रदेश से मॉनसून ने 3 अक्टूबर को विदाई ली,जबकि सामान्य तौर पर इसकी वापसी लगभग 25 सितंबर के आसपास हो जाती है।
मॉनसून सीजन के दौरान पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम रिकॉर्ड की गई। हालांकि,मौसम विभाग की श्रेणी के अनुसार इसे अभी भी सामान्य बारिश के दायरे में माना जाता है। जिलावार आंकड़ों की बात करें तो लाहौल-स्पीति में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम और हमीरपुर में लगभग 34 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।सोलन और मंडी में बारिश सामान्य से करीब 14 से 16 प्रतिशत कम रही। इसके विपरीत किन्नौर में सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि शिमला में भी सामान्य से करीब 14 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। प्रदेश के बाकी जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही।आने वाले महीनों के मौसम को लेकर भी मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर यानी पोस्ट-मॉनसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, केवल अक्टूबर महीने की बात करें तो प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। इसके साथ ही दिन के तापमान के सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश-बर्फबारी के कारण मौसम में अलग-अलग परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
