राहुल चावला,धर्मशाला-:उम्र के जिस पड़ाव पर ज्यादातर लोग आराम और सुकून की जिंदगी जीना पसंद करते हैं,वहीं दिल्ली के 65 वर्षीय रमेश सिंह राणा साइकिल लेकर देश भ्रमण पर निकले हैं।साइकिल पर तिरंगा लगाकर सफर कर रहे राणा का मकसद सिर्फ नए स्थानों को देखना नहीं,बल्कि लोगों को नशे से दूर रहने,पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाने और प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल को अपनाने का संदेश देना है।रेलवे में ऑप्टिक फाइबर केबल कंपनी से सेवानिवृत्त रमेश सिंह राणा को साइकिलिंग का खासा शौक है।उन्होंने वर्ष 2025 में केदारनाथ से अपनी साइकिल यात्रा की शुरुआत की।इसके बाद उन्होंने नेपाल के पशुपतिनाथ से लेकर उत्तर प्रदेश,बिहार,पश्चिम बंगाल,असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश तक साइकिल से सफर किया।इस दौरान उन्होंने भूटान की यात्रा भी की।
राणा का अगला लक्ष्य लेह-लद्दाख पहुंचना था,लेकिन भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते प्रशासन व स्थानीय लोगों की सलाह पर उन्हें अपना सफर बीच में रोककर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वह मनाली,कुल्लू,मणिकर्ण,मंडी,जोगिंदरनगर,पालमपुर, बैजनाथ और चामुंडा देवी होते हुए धर्मशाला पहुंचे हैं।राणा के मुताबिक मैदानी इलाकों में वह प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर तक साइकिल चला लेते हैं।वहीं,पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की स्थिति और चढ़ाई के अनुसार दूरी तय करते हैं।लंबी यात्रा के दौरान वह अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखते हैं।तली-भुनी और ऑयली चीजों से परहेज करते हुए चपाती,चावल,सब्जियां, ड्राई फ्रूट और पर्याप्त पानी लेते हैं। रात होने पर कई बार टेंट लगाकर आराम करते हैं और भोजन के लिए ढाबों का सहारा लेते हैं।राणा बताते हैं कि यात्रा के दौरान उन्हें कई लोगों का सहयोग और अपनापन भी मिला।अब उनका लक्ष्य पूरे कांगड़ा और हिमाचल प्रदेश को साइकिल से घूमना है।उनका संदेश साफ है—युवा नशे से दूर रहें, पर्यावरण बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और जहां संभव हो,साइकिल का इस्तेमाल कर प्रदूषण कम करने में योगदान दें।
