चंडीगढ़(TSN ): हरियाणा सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों में उपायुक्तों को स्कूलों में ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाएं लगाने का अधिकार सौंप दिया हैं। अब जिले की आबोहवा को देखते हुए ही डीसी संबंधित जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी करेंगे। इसे लेकर बाकायदा शिक्षा विभाग की तरफ से सभी उपायुक्तों को निर्देश भी जारी किए गए हैं।
हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, नूह, झज्जर, पानीपत, सोनीपत, करनाल, रोहतक, भिवानी सहित अन्य जिलों में प्रदूषण का स्तर अधिक बढ़ गया हैं। ज्यादातर समस्या एनसीआर जिलों में आ रही हैं, जिस कारण बच्चों सहित गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्राइमरी, एलीमेंटरी और सेकेंडरी स्कूलों में ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाओं के आयोजन के संबंध में फैसला करें। उपायुक्त अगर जरूरी समझते हैं तो स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अवकाश भी कर सकते हैं। यह फैसला सरकारी और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा।
जिला उपायुक्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण अथवा स्मॉग के मद्देनजर अलग-अलग क्षेत्र के आधार पर भी फैसला कर सकें। जिला उपायुक्तों की ओर से इस संबंध में लिए गए फ़ैसले के बारे में निदेशालय शिक्षा विभाग को सूचित किया जाएगा। अगर किसी जिले में स्कूल बंद किए जाते हैं तो उन स्कूलों की ऑनलाइन कक्षाएं ली जाएंगी। डीसी को यह अधिकार भी होगा कि कब स्कूल बंद करना है और कब खोलना हैं। केवल उन्हीं स्कूलों को बंद किया जाएगा, जहां वायु प्रदूषण अधिक हैं।
