शिमला,संजू-:शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के दौरान स्कूल परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मी यशपाल ने पुलिस को घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।उनके अनुसार,दो नकाबपोश युवक अचानक स्कूल के पास पहुंचे और बेहद करीब से गोलियां चलाकर मनीषा मित्तल की हत्या कर फरार हो गए।
निर्मंड (कुल्लू) निवासी यशपाल पिछले दो महीनों से स्कूल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं।उन्होंने बताया कि घटना के दिन मनीषा मित्तल किसी निजी कार्य से स्कूल से बाहर गई थीं। करीब 15 मिनट बाद जब वह वापस लौटीं तो वह मुख्य द्वार खोलने के लिए अपने सुरक्षा कक्ष से बाहर निकले।उसी दौरान यह दर्दनाक घटना उनके सामने घटी।यशपाल के अनुसार,जैसे ही मनीषा मित्तल स्कूल के मुख्य गेट के समीप पहुंचीं,नीचे की ओर जाने वाले रास्ते से दो युवक अचानक सामने आ गए। दोनों ने अपने चेहरे मास्क से ढके हुए थे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक हमलावर तेजी से उनके करीब पहुंचा और पिस्तौल निकालकर सीधे उन पर गोली चला दी।उन्होंने बताया कि पहली गोली लगते ही मनीषा मित्तल संभल भी नहीं पाईं थीं कि दूसरे युवक ने भी हमला शुरू कर दिया। दोनों आरोपियों ने मिलकर लगातार तीन गोलियां चलाईं।गोली लगने से वह मौके पर ही गिर पड़ीं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर उसी रास्ते से तेजी से फरार हो गए,जहां से वे आए थे।सुरक्षाकर्मी ने कहा कि पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि अपनी सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने तुरंत स्कूल का गेट अंदर से बंद कर दिया और सुरक्षा कक्ष में जाकर छिप गए। उनका कहना है कि हमलावर गेट के बाहर थे जबकि वह अंदर मौजूद थे।यशपाल का मानना है कि आरोपी पहले से ही नीचे वाले रास्ते पर घात लगाकर बैठे थे। यदि वे मुख्य सड़क की ओर से आते तो उनकी गतिविधियां पहले ही नजर आ जातीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने दो माह के कार्यकाल में उन्होंने मनीषा मित्तल को हमेशा शांत,विनम्र और सहयोगी स्वभाव का पाया।उन्होंने किसी भी पारिवारिक विवाद,आपसी तनाव या धमकी मिलने जैसी बातों की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस अब सुरक्षाकर्मी के बयान और आसपास के साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
