अम्बाला —: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अम्बाला छावनी में निर्माणाधीन “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” देशभक्ति, शौर्य और बलिदान का प्रतीक बनेगा। यह स्मारक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की गौरवगाथा को आधुनिक तकनीक और भव्य वास्तुकला के माध्यम से जीवंत करेगा।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को स्मारक परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, ऐतिहासिक प्रस्तुति तथा आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक नई पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।इस दौरान हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि 1857 की क्रांति पर आधारित यह देश का अपनी तरह का पहला स्मारक होगा, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम वीरों और क्रांतिकारियों के संघर्ष को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए यह स्मारक एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र साबित होगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मारक के शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और ऐतिहासिक तथ्यों की प्रमाणिकता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को जीवंत रखने वाला केंद्र बनेगा।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने स्मारक की विभिन्न गैलरियों एवं ऑडिटोरियम का अवलोकन किया तथा 1857 की क्रांति पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी देखा। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने स्मारक परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया।
