मंडी, धर्मवीर-: आईआईटी मंडी द्वारा एक ऐसी व्हीलचेयर बनाई जा रही है जिसे न तो किसी के धक्के की जरूरत होगी और न ही किसी प्रकार की वॉयस कमांड या रिमोट कंट्रोल की। यह व्हीलचेयर इंसान के सोचते ही चलने लगेगी। आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा के निर्देशों पर अमित शुक्ला और उनके प्रशिक्षुओं की टीम द्वारा इस व्हीलचेयर पर काम किया जा रहा है। इस व्हीलचेयर को ऑटोनोमस व्हीलचेयर का नाम दिया गया है और इसका प्रोटोटाइप बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि अभी इस पर और भी काम होना बाकी है।
आईआईटी के छात्र सिद्धार्थ तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक जो व्हीलचेयर हैं उन्हें चलाने के लिए या तो किसी दूसरे व्यक्ति की जरूरत रहती है या फिर उन्हें कमांड देनी पड़ती है। इस व्हीलचेयर में कैमरा और सेंसर लगाए गए हैं। यह सेंसर व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति के हाव-भाव को भांपते हुए खुद ही चलने लगेगी। जो व्यक्ति शारीरिक रूप से अक्षम है लेकिन हाथ या फिर वॉयस कमांड दे सकता है वो इसे उसी तरह से ऑपरेट कर सकेंगे लेकिन जो पूरी तरह से अक्षम हैं और बोलने में भी समर्थ नहीं हैं उनके लिए यह व्हीलचेयर किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी। हालांकि इसके रास्तों को लेकर अलग से प्रोग्रामिंग की जरूरत रहेगी लेकिन रास्तों में आने वाली बाधाओं को भी यह व्हीलचेयर खुद ही भांपते हुए उनसे किनारा करने में सक्षम होगी। इसका इस्तेमाल घरों सहित एयरपोर्ट और अस्पतालों में किया जा सकेगा।
